भास्कर न्यूज | टोंक| बाड़मेर जिले के सेड़वा सीएचसी में एसडीएम बद्रीनारायण बिश्नोई द्वारा डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार के विरोध में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की। सुबह 9 से 11 बजे तक डॉक्टरों ने मरीजों को परामर्श नहीं दिया। हालांकि, इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं सुचारू रहीं। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ टोंक के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र खींची ने बताया कि 1 फरवरी को सेड़वा सीएचसी में डॉ. रामस्वरूप रावत मरीजों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान एसडीएम बिश्नोई वहां पहुंचे और डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने जबरन एक महिला मरीज को देखने की जिद की। डॉ. रावत ने बताया कि उस महिला मरीज का प्राथमिक इलाज पहले ही शुरू कर दिया गया था। इसके बावजूद एसडीएम ने आदेश दिया कि डॉक्टर मरीज के पलंग के पास खड़े रहें। इस घटना के विरोध में टोंक के राजकीय सआदत अस्पताल समेत जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी में डॉक्टरों ने दो घंटे काम बंद रखा। इससे अस्पतालों में इलाज कराने आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने एसडीएम के व्यवहार को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए सरकार से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पेन डाउन के बाद डॉक्टरों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर डॉ. रवींद्र खींची, पीएमओ डॉ. बीएल मीना, डॉ. अशोक यादव, डॉ. नविंद्र पाठक, डॉ. राजीव यादव, डॉ. बीएल नामा, डॉ. रामेश्वर और डॉ. राजेश चौधरी सहित कई डॉक्टर मौजूद रहे।


