भास्कर न्यूज | टोंक देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे भगत सिंह सेना के सुप्रीमो नरेश मीणा ने एक बार फिर आंदोलन की बात कही है। उन्होंने बीसलपुर बांध के भराव क्षेत्र से गाद के नाम पर बजरी निकालने को राजस्थान का “महा घोटाला” बताते हुए कहा आमजन को सस्ती बजरी दिलाने के लिए वे जल्द ही बड़ा आंदोलन करेंगे। मीणा ने का कहना है कि देश की संपदा बड़े उद्योगपतियों को बेची जा रही है। सरकार से जनभावनाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने की मांग की। दरअसल समरावता प्रकरण में हाईकोर्ट से नरेश मीणा को मिली जमानत के कैंसिलेशन के संबंध बुधवार को वह एससी-एसटी कोर्ट में पेश हुए थे। जहां अगली सुनवाई की तारीख 21 फरवरी तय की गई। उनके वकील सलीम सूरी ने बताया कि नगरफोर्ट थाने के दो मामलों में कार्रवाई चल रही है। आगजनी और तोड़फोड़ मामले में मीणा समेत तीन आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किए गए हैं, जबकि एक आरोपी की गैरहाजिरी पर 7 फरवरी की तारीख दी गई है। मीडियाकर्मियों से बातचीत में मीणा ने अंता में बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल सुमन की हार को लेकर सामने आए पत्र को सही ठहराया और कहा कि सच बोलने वाले को ही नोटिस देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने अपने ऊपर और समरावता के लोगों पर लगे मुकदमे वापस लेने की मांग दोहराई। सवाईमाधोपुर जिले के बौंली थाना क्षेत्र में महिला हत्या पर उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।


