नए साल में पलामू एसीबी के समक्ष प्रमंडल में भ्रष्टाचार से निपटने की चुनौती होगी। 2024 में प्रखंड सरकारी स्कूलों का भ्रष्टाचार भी उजागर हुआ। दो प्रिंसिपल और एक अधिकारी एसीबी के गिरफ्त में आए। साल भर में एसीबी ने 10 शिकार किए। पलामू जिले में दो, लातेहार में पांच और गढ़वा में तीन सरकारी सेवक घुस लेते पकड़े गए। 2024 का पहला ट्रैप पलामू एसीबी ने चार अप्रैल को किया। पाटन अंचल कार्यालय का कर्मचारी परवेज आलम नावा जयपुर के हरैया खुर्द गांव के रहनेवाले नूर आलम से जमीन म्यूटेशन करने के लिए सात हजार रुपए रिश्वत ले रहा था। एसीबी ने 24 अप्रैल को लातेहार जिला के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत चटकपुर के पंचायत सचिव अनेश्वर प्रसाद को चार हजार रिश्वत लेते पकड़ा। 15वें वित्त के तहत डाड़ी कूप मरम्मती के भुगतान के एवज में पैसे ले रहा था। 16 मई को एसीबी ने पलामू के नावाबाजार प्रखंड के बीपीओ बच्चन कुमार पंकज को उसके मेदिनीनगर के निमियां स्थित घर में नौ हजार रुपये घूस लेते पकड़ा था। बीपीओ ने शिक्षक काशीनाथ महतो से वेतन भुगतान पर से रोक हटाने के लिए घुस मांगा था। चौथे ट्रैप में एसीबी ने 12 जून को गढ़वा जिले के चिनिया प्रखंड के बीपीओ अनुज कुमार रवि को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा। बीपीओ ने डोभा योजना के एमबी बुक पर हस्ताक्षर करने के लिए लाभुक से घुस मांगा था। एसीबी ने पांचवां ट्रैप 20 जून को लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय में किया। सेरेगड़ा पंचायत के पंचायत सचिव अर्जुन राम को पीसीसी पथ के भुगतान में पांच हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था। एसीबी का छठा शिकार 24 जुलाई को लातेहार के बरियातू थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक धीरेंद्र कुमार हुए। अफीम रखने के केस में फंसाने की धमकी देकर 20 हजार रुपये घूस पुलिसकर्मी ले रहा था। उसने तीन लाख रुपये घुस मांगा था। सात अगस्त को एसीबी की टीम ने 20 हजार घूस लेते हुए गढ़वा के कांडी हाई स्कूल की प्रिंसिपल विद्यानी बाखला को गिरफ्तार किया था। प्रिंसिपल स्कूल के एक वोकेशनल शिक्षक से उसका कॉन्ट्रैक्ट रिन्युअल करने के एवज में घूस ले रही थी। एसीबी के आठवें ट्रैप में पांच सितंबर को लातेहार जिला के सदर अस्पताल में कार्यरत फार्मासिस्ट परमानंद कुमार फंसे थे। परमानंद पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत ले रहे थे। 31 अक्टूबर को एसीबी ने गढ़वा जिला में स्थित राजकीय मध्य विद्यालय नगर ऊंटारी के हेडमास्टर अनिल कुमार विश्वकर्मा को पांच हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था। यह कार्रवाई विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष की शिकायत पर की गई थी। एमडीएम मद का राशि निकासी के लिए हेडमास्टर घुस ले रहे थे। साल के आखिरी ट्रैप में नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्रशासनिक पदाधिकारी रौशन कुमार बक्सी एसीबी के गिरफ्त में आए। रौशन ने स्कूल में दूध सप्लाई करने वाले से भुगतान के बदले 50 हजार रुपए रिश्वत मांगा था। स्कूल कैंपस में अपने क्वार्टर से प्रशासनिक पदाधिकारी को पकड़ा गया।


