एसी-सीसीटीवी से लैस 6 लाइब्रेरी सीएम ने की शुरू

भास्कर न्यूज | अमृतसर सीएम भगवंत सिंह मान शनिवार को कंपनी बाग स्थित पैनोरमा पहुंचे। उन्होंने सरकार के 3 साल पूरे होने पर 346.57 करोड़ रुपए की सड़कों-लाइब्रेरी के विकास कार्य जनता को समर्पित किए। सीएम ने कहा कि पिछली सरकारों में विकास कार्यों के फंक्शन नहीं होते थे हमने शुरू करवाया। सीएम ने कहा कि आज बिना सिफारिश और रिश्वत के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। पिछली सरकारों में लोग सरकारी नौकरी के लिए तो सोच ही नहीं सकते थे। सपना ही हो गया था। सीएम ने कहा कि नई सड़कों के निर्माण पर 56.36 करोड़ खर्च किए गए हैं जबकि सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने पर 287.01 करोड़ और 6 नई लाइब्रेरी बनाने पर 3.20 करोड़ खर्च किए गए हैं। सीएम मान का हेलिकॉप्टर ट्रिलियम मॉल के पास लैंड किया। जिसके बाद वह सीधा अमृतसर में नई बनी महाराजा रणजीत सिंह लाइब्रेरी को देखने पहुंचे। लाइब्रेरी में मौजूद युवाओं से सीएम भगवंत मान ने बातचीत की। इसके बाद गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन हॉल पहुंचे। जहां पिंगलवाड़ा से पहुंचे मूक-बधिर बच्चों ने सीएम भगवंत मान, मनीष सिसोदिया और हरभजन सिंह ईटीओ को हाथ से बनी तस्वीरें देकर सम्मानित किया है। सीएम ने सूबे में बन रही लिंक रोड का वर्चुअल उद्घाटन किया। सीएम मान ने कहा कि वेस्ट हलका अधीन आते छेहर्टा और पुराने डीसी कार्यालय लाइब्रेरी का क्रमश: 32.58 लाख और 31.41 लाख रुपए से नवीनीकरण कराया गया है। इसके अलावा नॉर्थ-ईस्ट-साउथ-सेंट्रल हलके में प्रत्येक लाइब्रेरी पर 64-64 लाख रुपए की लागत आई है। लाइब्रेरियों में कंपटीशन सिलेबस, धार्मिक, ऐतिहा सिक किताबें उपलब्ध होंगी। साथ ही एसी-सीसीटीवी व अन्य सभी तरह की सुविधाओं से लैस है। लाइब्रेरी के उद्घाटन दौरान दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम व पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि आज चारों ओर विकास हो रहा है। किसानों को दिन में 9 घंटे बिजली दे रहे हैं यह भी कहा है कि जरूरत है तो ज्यादा बिजली दो। मैं खेती करता आया हूं। मैं किसानों का दर्द समझता हूं। सीएम ने कहा कि सूबे के विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। नशे के खिलाफ भी अभियान चलाया है जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। बड़े बड़े नशा तस्करों पर नकेल डाली गई है। वहीं कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ने कहा कि अमृतसर में चल रहे विभिन्न पुलों व सड़कों के कामों में सरकार ने तकरीबन 20 फीसदी कम खर्च किया है। बजट के बचे हुए 20 फीसदी धन को दूसरे विकास कामों में प्रयोग किया जाएगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *