भास्कर न्यूज | अंबिकापुर शहर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पशु सखियों के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. राजेश चौकसे ने बताया कि ए-हेल्प योजना भारत सरकार के पशुपालन व डेयरी विकास विभाग की एक नई पहल है, जो पशुपालन की गतिविधियों के लिए एनआरएलएम के एसएचजी प्लेटफॉर्म की सेवाओं का लाभ प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि ए-हेल्प योजना, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को एजेंटों के रूम में शामिल कर सशक्त बनाना है, जो रोग नियंत्रण पशु टैगिंग और पशुधन बीमा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. आरपी शुक्ला उपसंचालक, पशुधन विभाग ने सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों में कार्यरत पशु सखियों की उपलब्धि, कार्य शैली और पशुधन के विकास के उद्देश्य से किए जा रहे कार्यों को सराहा। उन्होंने बताया कि यह ए-हेल्प समुदाय आधारित महिला कार्यकर्ता समूह है, जो स्थानीय विभागीय गतिविधियों में पशु चिकित्सकों की सहायता करने, पशुपालकों को उद्यमिता विकास के लिए ऋण लेने में मदद करने, आवेदन भरने जैसी कार्य करती हैं। भारत सरकार द्वारा परिकल्पित ए-हेल्प योजना के अंतर्गत महिलाओं को दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन से संबंधित गतिविधियों को मजबूती प्रदान करने चुना गया है। यह विभिन्न योजनाओं को लागू करने और जमीन स्तर पर किसानों को जानकारी प्रदान करने में सहायता करती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर एसके सिन्हा ने बताया कि यह ए-हेल्प योजना केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है, जो पशुपालकों और विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल पशुधन स्वास्थ्य, विस्तार सेवाओं और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पशुधन उत्पादन और ग्रामीण विकास में सुधार होने की संभावना है। सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों में कार्यरत पशु सखियों को उनके कार्य के प्रगति और उपलब्धियां के लिए बधाई देते हुए उन्हें निरंतर कार्य करने प्रेरित किया गया।


