ऑक्सीजन पाइप काटा, 12 नवजात की जान खतरे में पड़ी:सांस लेने में दिक्कत हुई तो रोने लगे; राजगढ़ में डॉक्टरों ने जंबो सिलेंडर से बचाई जान

राजगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती 12 नवजातों की जान उस वक्त खतरे में पड़ गई, जब चोर वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई की पाइपलाइन काट ले गए। घटना के वक्त NICU (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) में 20 बच्चे भर्ती थे। इनमें से 12 ऑक्सीजन सप्लाई पर थे। घटना मंगलवार रात की है। जैसे ही इसकी जानकारी मेडिकल स्टाफ को लगी, उन्होंने सीनियर डॉक्टर को सूचना दी। जानकारी मिलने पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस माथुर हॉस्पिटल पहुंचे। ऑक्सीजन यूनिट की ओर गए तो पाइपलाइन कटी दिखी। इसके बाद अस्पताल में ही रखे जंबो सिलेंडर से बच्चों को ऑक्सीजन सप्लाई की गई। सप्लाई बंद होने पर बच्चे रोये, अलार्म बजा
पोस्टमार्टम रूम के पास ऑक्सीजन सिलेंडर की कॉपर की पाइपलाइन करीब 10 से 15 फीट तक कटी हुई थी। मंगलवार देर रात अज्ञात चोरों ने इस पाइपलाइन को काटकर चुरा लिया। पाइपलाइन कटने के कारण NICU वार्ड में भर्ती बच्चों के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई थी। इससे बच्चे रोने लगे और अस्पताल में अलार्म भी बजने लगा। अस्पताल स्टाफ ने तुरंत डॉक्टरों को सूचना दी और NICU वार्ड के बाहर लगे इमरजेंसी जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू की। इससे NICU वार्ड में भर्ती बच्चों को किसी बड़ी दुर्घटना से बचा लिया गया। सिविल सर्जन बोले- चोरियां पहले भी हुई हैं
सिविल सर्जन नितिन पटेल का कहना है कि रात में चोरों ने लिक्विड ऑक्सीजन लाइन को तोड़ दिया था। इस कारण से सप्लाई बाधित हुई थी। सिलेंडर से बैकअप होने के कारण दिक्कत नहीं आई। नई बिल्डिंग में भी चोरी हुई थी। इसके पहले भी चोरियां हुई हैं। पुलिस से शिकायत कर रहे हैं। 6 फोटो से समझिए पूरा मामला… पेरेंट्स बोले- बच्चों के रोने की आवाज आई
इस घटना के बाद दैनिक भास्कर ने SNCU वार्ड में भर्ती एक बच्चे के रिश्तेदार, रुणाया निवासी अजब सिंह से बातचीत की। अजब सिंह ने बताया कि उनका नाती 14 दिसंबर से यहां भर्ती है और उसे ऑक्सीजन लगाई जा रही है। उन्होंने कहा, “रात को मैं NICU वार्ड के बाहर सो रहा था, तभी बच्चों के रोने की आवाजें सुनाई दी। मुझे यह नहीं पता कि ऑक्सीजन बंद हुई थी या नहीं क्योंकि हमें वार्ड के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।” अजब सिंह ने आगे कहा कि वे अब अपने नाती को छुट्टी दिलाकर गांव ले जाना चाहते हैं और वहीं उसका इलाज करवाएंगे। उन्होंने बताया, “हम बहुत दूर से आए हैं, यहां हमारा खर्च भी काफी बढ़ रहा है, इसलिए गांव में इलाज कराना बेहतर होगा।” अचानक देर रात सभी बच्चे रोने लगे
जगमोहन लोधी ने बताया, मैं गुना जिले का रहने वाला हूं। पत्नी को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया था। शुक्रवार से बच्ची ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। मैं मंगलवार रात को वार्ड के बाहर परिसर में ही लेटा था। रात दो से तीन बजे के बीच बच्चों के रोने की आवाज आई। आधे घंटे तक सभी बच्चे जोर-जोर से रोते रहे। हमें लगा कुछ तो परेशानी होगी। सामान्य होता तो एक-दो बच्चे रोते, यहां तो सभी रो रहे थे। डॉक्टर नर्स आए और कुछ करने लगे। स्टाफ सहयोग नहीं करता, डांटकर भगा देते हैं
जगमोहन का कहना है कि अस्पताल में सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। बच्ची की मां को पहले से ही तकलीफ है। वह ठीक से अभी चल-फिर नहीं सकती। कोई सहयोग करने जाता है तो स्टाफ डांटकर बाहर भगा देता है। बच्ची के पास जाओ तो कहते हैं मां को भेजो, जब मां को ही दिक्कत है तो उसे कैसे बच्ची के पास पहुंचाएं। ऊपर से रात में यह घटना घट गई। मैं तो छुट्‌टी करवारकर यहां से जाना चाहता हूं। अस्पताल में 14 गार्ड, ज्यादातर सीसीटीवी बंद पड़े राजगढ़ जिला अस्पताल में 64 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन इनमें केवल 10-12 कैमरे ही चालू हैं। अस्पताल परिसर में 14 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जो वार्ड और परिसर दोनों की निगरानी करते हैं। 20 दिन में प्लांट में दूसरी बार चोरी
इससे पहले 28 नवंबर को चोर जिला अस्पताल में कॉपर की 55 फीट ऑक्सीजन सप्लाई लाइन काट कर ले गए थे। ये लाइन अस्पताल की नई बिल्डिंग तक जा रही थी, हालांकि उस समय ऑक्सीजन सप्लाई चालू नहीं थी। सिविल सर्जन ने थाने में चोरी को लेकर आवेदन दिया था। सूत्रों के अनुसार अब तक ऑक्सीजन प्लांट से पाइप की 4 बार चोरी हो चुकी है। पिछले 20 दिनों में यह पाइप चोरी का दूसरा मामला है। लोहे की जाली काटकर घुसे थे चोर
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि चोर प्लांट की सुरक्षा के लिए लगी लोहे की जाली को काटकर भीतर घुसे थे। उन्हें पता था कि वे ऑक्सीजन प्लांट की मेन सप्लाई की पाइप काे काट रहे हैं। यदि चालू लाइन में पाइप काटेंगे तो तेजी से गैस निकलने से ब्लास्ट हो सकता था। ऐसे में उन्होंने पहले टैंक से सप्लाई को बंद किया। इसके बाद पाइप चोरी की।

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