किसानों ने सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप:कहा- सोयाबीन की फसल ने नहीं मिले उचित भाव, आर्थिक स्थिति हुई कमजोर

कृषि उपजमंडी रायपुर में किसानों ने बैठक कर सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। किसानों ने आरोप लगया की किसान सोयाबीन की फसल का उचित दाम मांगते रहे, लेकिन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। भारतीय किसान संघ की बैठक कृषि उपज रायपुर में तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। तहसील मंत्री बालचंद दांगी ने कहा कि पिछले दिनों भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में सभी तहसील केंद्रों एवं जिला मुख्यालय पर क्षेत्र के किसानों ने सोयाबीन का उचित भाव मिले इस लिए सरकार को ज्ञापन एवं धरना प्रदर्शन के माध्यम से अवगत करवाया था, कि सोयाबीन 6 हजार प्रति क्विंटल के ऊपर बिकना चाहिए तक जाकर किसानों को कुछ फायदा मिलेगा। इसके बावजूद भी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिससे किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है। जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर ने बताया कि रायपुर तहसील के अंतर्गत चवली सिंचाई परियोजना से किसानों को पानी मिलता है, लेकिन नहरी तंत्र लंबे समय से खराब स्थिति में होने की वजह से पानी व्यर्थ बह जाता है और सिंचित एरिया भी कम ही हो पाता है। इसलिए क्षेत्र के किसानों की मांग है कि अब पाइपलाइन से यदि पानी मिलेगा तो अधिक एरिया संचित होगा, साथ ही संचित का एरिया भी बढ़ेगा, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिल सकेगा। इस समस्या पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए। तहसील सहमंत्री सांवरलाल गुर्जर ने संगठनात्मक गतिविधियों के बारे में उपस्थित पंचायत प्रभारी को सभी ग्रामों की ग्राम समितियां का नवीनीकरण करके 25 दिसंबर तक गठित करना अनिवार्य है। बीमा व बैंक प्रमुख योगेंद्र पाटीदार ने कहा कि किसानों को अभी तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिला खरीफ 2023-24 बीमा क्लेम नहीं मिला। कई किसानों की समस्याओं को लेकर पंचायत प्रभारी को जानकारियां देते हुए कहा कि अधिक से अधिक गांव में किसानों को जागरूक करके अपने हक व अधिकारों के प्रति किसानों को जागरूक करते हुए आगामी दिनों में भारतीय किसान समस्याओं को लेकर शासन प्रशासन के सामने अपनी मांग रख सके ऐसी योजना बनाई गई।

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