ऑटिज्म के मामले नहीं बढ़े जागरुकता से पहचान बढ़ी

अमृतसर| समाज में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया, मीडिया रिपोर्ट्स और आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या ऑटिज्म के मामले सच में बढ़ रहे हैं। इस पर पल्स अस्पताल, ईएमसी अस्पताल की इकाई के मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अरजिमंद ने तथ्य आधारित बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों में दिख रही बढ़ोतरी असल में मामलों की वृद्धि नहीं है। यह मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी जागरूकता और बेहतर जांच तकनीकों का नतीजा है। डॉ. अरजिमंद ने बताया कि पहले बच्चों के संवाद में कठिनाई, सामाजिक व्यवहार से दूरी या किसी गतिविधि को बार-बार दोहराने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता था। अब माता-पिता, शिक्षक और डॉक्टर इन संकेतों को पहचानने लगे हैं। डॉ. अरजिमंद ने कहा अस्पताल का उद्देश्य केवल इलाज नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में फैले भ्रम और कलंक को दूर करना भी है।

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