भास्कर न्यूज|जालंधर जालंधर अकादमी ऑफ पेडियाट्रिक्स ने ऑटिज्म थेरेपीज़, इंटरवेंशन्स और वैक्सीनेशन पर एक सीएमई का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज लुधियाना के पेडियाट्रिक्स विभाग की प्रमुख डॉ. मोनिका शर्मा मुख्य वक्ता रहीं। उन्होंने ऑटिज्म और उससे जुड़े विकारों के शुरुआती लक्षणों, पहचान और इलाज के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. मोनिका ने बताया कि ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचानना और सही समय पर इलाज करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सही समय पर इलाज शुरू करने से बच्चों के विकास में लाभ होता है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह बांगा ने ऑटिज्म में समय पर हस्तक्षेप के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाल रोग विशेषज्ञों को इस दिशा में जागरूक रहना चाहिए ताकि बच्चों को समय पर सही इलाज मिल सके। सीएमई में शामिल हुए शहर के वरिष्ठ डॉक्टर कार्यक्रम में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ. एमएस भूटानी, सचिव डॉ. पूजा कपूर, जाप के सचिव डॉ. अमनप्रीत, डॉ. अमित चौधरी, डॉ. अनिल सूद, डॉ. अशोक मारकंडा, डॉ. ऋषि मारकंडा, डॉ. गगन, डॉ. राजकुमार, डॉ. गुरदीप काजल, डॉ. पंकज पॉल, डॉ. रोहित चोपड़ा, डॉ. मुनीश सिंघल, डॉ. नीरज, डॉ. रूचि, डॉ. अनुपमा और डॉ. अनुराधा बांसल (पिम्स हॉस्पिटल) सहित कई वरिष्ठ और युवा बाल रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। सत्र के अंत में सदस्यों को सम्मानित किया गया।


