रांची| राज्य के वित्त रहित इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा विद्यालयों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुदान ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरने का फैसला लिया है। यह निर्णय आज विभिन्न जिलों से आए प्राचार्यों, प्रधानाचार्यों और शिक्षक प्रतिनिधियों की अहम बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में प्राचार्यों ने आरोप लगाया कि डिग्री कॉलेजों को 75% अनुदान वृद्धि 2023-24 में ही मिल चुकी, लेकिन स्कूल–इंटर कॉलेजों की फाइल 10 वर्षों से मंत्री परिषद में लंबित है। विधि, वित्त और कैबिनेट सचिवालय की सहमति होने के बाद भी फाइल विमर्श के लिए वापस कर दी गई और तीन महीने से अधिक समय से इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। बैठक की अध्यक्षता संजय कुमार ने की, जबकि निर्णयों की जानकारी मनीष कुमार, अरविंद सिंह और मुरारी प्रसाद सिंह ने दी। शिक्षकों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि बढ़ोतरी नहीं मिलने के कारण अब तक 500 से अधिक शिक्षकों-कर्मचारियों की मौत इलाज के अभाव में हो चुकी है। बैठक में शामिल गोस्सनर कॉलेज के कर्मचारी अजय मुनान एक्का की भी आज मृत्यु हो गई। सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का पोर्टल बंद होने से एक लाख से अधिक छात्राएं आवेदन नहीं कर पा रही हैं। बैठक में कहा गया कि यदि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो बच्चियां भी सड़क पर उतरने को बाध्य होंगी। मोर्चा नेताओं ने स्पष्ट घोषणा की है कि 75% बढ़ोतरी नहीं, तो किसी भी परिस्थिति में अनुदान का फॉर्म नहीं भरेंगे। अगली बैठक 7 दिसंबर को होगी।


