जिला स्पेशल टीम और सवीना, सुखेर थाना पुलिस ने मिलकर ऑनलाइन गेमिंग ऐप से धोखाधड़ी कर रुपए ऐंठने और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त के मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी योगेश गोयल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पहली कार्रवाई हिरण मगरी थानाधिकारी भरत योगी और डीएसटी प्रभारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में हुई। जिन्होंने 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनसे अपराध में उपयोग लिए गए 25 मोबाइल, 1 लेपटॉप, विभिन्न खाता धारकों के अलग-अलग बैंकों की कुल 32 पासबुक, 16 चैकबुक और 73 एटीएम कार्ड जब्त किए गए। इनके खिलाफ सवीना थाने में आईटी एक्ट, राजस्थान पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट में मामला दर्ज किया। मामले में आरोपी सुधीर कालरा पिता मनोहरलाल, यजत पिता विजय साधवानी, कैदार पिता रतनलाल बागड़ी, मनीष पता मनोहरलाल कालरा, सागर पिता रतनलाल सामरिया और सुदेष पिता महेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया है। लोगों को कमीशन का लालच देकर पासबुक, चेकबुक, एटीएम लेते
एसपी ने बताया कि ये बदमाश विभिन्न खाता धारकों से उनके बैंक खाते की पासबुक, चैकबुक, एटीएम कार्ड ले लेते। इसकी एवज में कुछ को एक प्रतिशत कमशीन का लालच देते थे तो कुछ लोगों से धोखाधड़ी से लिए बैंक डिटेल लेते थे। फिर पे-वेस्ट ऑनलाइन ऐप से ऑनलाइन जूआ सट्टा का पैसा इन खातों में मंगलवाकर नकद विड्रोल कर लेते। फिर उसमें से अपना कमीशन प्राप्त कर बाकी रुपए हवाला के माध्यम से वापस पे-वेस्ट ऑनलाइन ऐप को भेज देते थे। आरोपी सुधीर कालरा अवैध खाते उपलब्ध कराता था। ऑनलाइन गेमिंग ऐप से कमाई राशि के लिए बैंक खाते खरीदते-बेचते
एसपी गोयल ने बताया कि दूसरी कार्रवाई सुखेर थानाधिकारी रविन्द्र सिंह चारण और डीएसटी टीम द्वारा की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने प्रियदर्शनी नगर बेदला में आरोपी राजन वैष्णव पिता धनराज के किराए के मकान में दबिश दी। यहां तीन बदमाश ऑनलाइन गेमिंग ऐप से धोखाधड़ी करते हुए पाए गए। ये आरोपी गिरोह बनाकर बैंक खातों को खरीदकर उन्हें बेचने का काम करते थे। लोगों से कमीशन पर खाते खरीदते और अन्य को कमीशन पर देकर धोखे से ऑनलाइन गेमिंग की राशि उनमें ट्रांसफर कराते। फिर खुद का कमीशन प्राप्त करते। मामले में आरोपी राजन वैष्णव पिता धनराज, नीनाद वैष्णव पिता ऋषिकेश और रिदम वैष्णव पिता ऋषिकेश को गिरफ्तार किया है।


