भास्कर न्यूज | लुधियाना ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से लर्निंग लाइसेंस को लेकर ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर जाकर लाइसेंस बनवाने के अलावा घर बैठे लाइसेंस बनाने की भी सुविधा दी गई है। घर बैठे लर्निंग लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों के अधिकतर लाइसेंस कैंसिल हो रहे हैं। इसमें आवेदक द्वारा टेस्ट देने के दौरान कुछ चीजों का ध्यान नहीं रखा जाता या फिर किसी अन्य व्यक्ति से टेस्ट दिलाया जाता है। जिस कारण टेस्ट के दौरान कैमरे में एक के अलावा अन्य व्यक्ति के आने के कारण लर्निंग लाइसेंस कैंसिल हो रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने में 1500 से अधिक लर्निंग लाइसेंस कैंसिल हुए हैं। इस वजह से आवेदक को दोबारा से फीस भर कर टेस्ट देना पड़ रहा है। बता दें कि लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर आना पड़ता है। परंतु आप सरकार के आने के बाद इस सुविधा का लाभ घर बैठे लेने के लिए नई आप्शन शुरू की गई। कुछ महीने पहले किया गया अपडेट: बता दें कि ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा सारथी एप्लीकेशन को अपडेट किया गया है। इसमें घर बैठे टेस्ट देने वाले आवेदकों पर भी नजर रखने के लिए जो कैमरे लगाए गए हैं उसके जरिए टेस्ट देने वाले आवेदक द्वारा नकल तो नहीं की जा रही या फिर अन्य व्यक्ति द्वारा टेस्ट तो नहीं दिलवाया जा रहा, इस बात पर नजर रखने के लिए एप्लीकेशन को अपडेट किया गया है। जनकारी के मुताबिक आवेदक के टेस्ट देने के बाद अप्रूवल के लिए विभागीय अधिकारी की आईडी में अप्रूवल के लिए फाइल ऑनलाइन पहुंचती है। जहां पर अधिकारी की आईडी में वायलेशन आने के कारण लाइसेंस कैंसिल हो जाता है। आरटीओ कुलदीप बावा के मुताबिक आवेदक के टेस्ट देते समय आवेदक के पीछे अन्य व्यक्ति की फोटो नहीं आनी चाहिए या फिर टेस्ट देते समय आवेदक की फोटो साफ नजर न आए तो वायलेशन मानी जाती है और लाइसेंस कैंसिल हो जाता है। ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर टेस्ट अभी भी नहीं हो पाए शुरू : बता दें कि ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक को बंद हुए एक महीना होने वाला है। इसके बाद भी आवेदकों की परेशानियों को अधिकारी देख कर भी अनजान बने बैठे हैं। पक्का लाइसेंस बनवाने के लिए आने वाले आवेदक बिना टेस्ट दिए ही वापस लौट रहे हैं। यहीं नहीं जिनके लर्निंग लाइसेंस की अवधि खत्म हो गई है वे दोबारा से फीस जमा करवाने को मजबूर हैं। हेड आफिस द्वारा जिस कंपनी को नया ठेका दिया गया है वह न तो नई भर्ती कर रहे हैं और न ही मुलाजिमों की आईडी बना रहे है। {सिर्फ दो लोग इस समय कर रहे काम: आईडी नई बनाने को लेकर अभी तक नई कंपनी ने मुलाजिम कंफर्म नहीं किए है। जिस कारण ट्रैक पर सिर्फ 2 मुलाजिम ही स्क्रूटनी व फोटो पर काम कर रहे है। जबकि एक ट्रैक पर 2 मुलाजिम स्क्रूटनी, 1 फोटो, 1 टेस्ट, 1 हैल्प डेस्क पर होना चाहिए। इसके अलावा 1 गार्डनर और 1 स्वीपर की भी जरूरत है जोकि इस समय ट्रैक पर मौजूद नहीं है। बतां दे कि हैड आफिस से कुछ दिन पहले ही मुलाजिमों की ट्रैक पर कितनी रिक्यावयमेंट है इसकी डिटेल भी मांगी गई थी। {कैमरे भी है खराब: बतां दे कि कालेज रोड और सेक्टर 32 स्थित ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर हाल ही कैमरे लगाए गए थे। करीब 22 दिन से ट्रैक बंद रहने के कारण कैमरे अब काम नहीं कर पा रहे है। करीब कैमरे में है या वायर में इस संबंधी कारण का पता नहीं चल पा रहा है। क्योंकि ट्रैक पर एक भी टेक्निकल मुलाजिम नहीं है। चंडीगढ़ आफिस में टेक्निकल व्यक्ति के आने के बाद ही ट्रैक चलाया जा सकता है।


