शेयर कारोबार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने के नाम पर एक डॉक्टर के साथ 3 करोड़ 8 लाख 36 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। डॉक्टर को वेबसाइट पर फर्जी प्रॉफिट दिखाकर निवेश करवाया गया। जब उन्होंने प्रॉफिट की राशि निकालना चाही तो उन्हें इनकम टैक्स और आरबीआई के नियमों का हवाला देकर रुपए ऐंठते गए। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि घटना शहर के नामी डॉक्टर के साथ हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले आरू उर्फ आरती भट्ट ने मुझसे वाट्सएप कॉलिंग के जरिये बात की थी। महिला ने ऑनलाइन ट्रेडिंग पोर्टल ‘वेब बुल’ की जानकारी देकर एक लिंक शेयर की। इसमें डिटेल भरवाई फिर शेयर कारोबार में निवेश पर अच्छे रिटर्न का लालच देकर वेब बुल पोर्टल पर एक ‘वेब बुल वॉलेट’ आईडी के साथ खुलवाया। इसमें निवेश किए रुपए आपके यूएसडीटी में दिखाई देते हैं। वेबसाइट पर शेयर मार्केट में फर्जी प्रॉफिट बताकर निवेश करवाया 2 बार मुनाफा खाते में डालकर उकसाया डॉक्टर ने क्राइम ब्रांच को बताया कि वेब बुल पोर्टल पर वॉलेट ओपन होने के बाद मुझसे कुछ निवेश करवाया। मुनाफा होते ही मैंने पोर्टल के वॉलेट से रुपए निकले जो दो बार यूएसडीटी करेंसी से भारतीय रुपए में कनवर्ट होकर मेरे खाते में डाल दिए। मैं उनके विश्वास में आ गया। अच्छा रिटर्न मिलने का बोलकर मुझे और निवेश करने के लिए उकसाया। इसके बाद आरू ने मुझसे 1 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश करवा लिया। 30 प्रश टैक्स देने का बोलकर उलझाया डॉक्टर के मुताबिक मैंने राशि निकालने की प्रोसेस की तो वेब बुल कंपनी वाले आनाकानी करने लगे। बोले जितना प्रॉफिट हुआ उसका इनकम टैक्स (30%) चुकाना पड़ेगा। भरोसा कर मैंने 55 लाख रुपए अलग-अलग खातों में जमा करवा दिए। ये राशि कंपनी के वॉलेट से निकालना चाही तो कंपनी के पोर्टल ने पैसा रोक लिया। आरू भट्ट ने बताया मेरे खाते में टैक्स की रकम ही नहीं आई। जो रुपया जमा किया था, उसे रिजर्व बैंक ने रोक दिया। उसे खोलने के लिए ग्रीन चैनल ओपन करने की सलाह दी जिसकी फीस 30 लाख रुपए बताई। कहा कि नहीं दिए तो पूरा रुपया डूब जाएगा। परेशान होकर मैंने 30 लाख भी जमा कर दिए फिर भी मुझे मेरी राशि नहीं मिली। प्रताड़ित किया तो 17 लाख 81 हजार रुपए ब्याज पर उठाकर जमा करा दिए फिर नया बहाना किया, डिजिटल करंसी एंड फंड एग्रीमेंट, डिजिटल करेंसी एंड फंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट के संबंध में 17 लाख 81,600 रुपए की मांग की गई। मुझे कहा कि यदि नहीं दिए तो आपका अब तक का पूरा रुपया डूब जाएगा। मैंने पूरा पैसा छुड़वाने के लिए 17 लाख 81 हजार रुपए का लोन लेकर वो भी दे दिए। फिर मुझे बताया कि आपकी सारी रकम कंपनी के वॉलेट में है। उसकी सुरक्षा के लिए इंटरनेशनल ब्लॉक चेन सर्विस सर्वर सिक्योरिटी इंश्योंरेंस पहले करवाना पड़ेगा। ये ग्लोबल डीसीए कंपनी द्वारा होगा। उसके लिए 25 लाख रुपए देना होंगे। नहीं दिए तो पूरी राशि और खाता दोनों खत्म कर दिए जाएंगे। डर के मारे मैंने ये भी जमा कर दिए, लेकिन आरोपियों ने कोई पैसा नहीं लौटाया। 64 बार ट्रांजैक्शन कर के ठग लिए रुपए जब और रुपया जमा करने की डिमांड की तो डॉक्टर ने क्राइम ब्रांच को इसकी जानकारी दी। क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि डॉक्टर को अलग-अलग ढंग से ब्लैकमेल कर 64 ट्रांजैक्शन के द्वारा 3 करोड़ 8 लाख 36 हजार 293 रुपए की ठगी की गई है।


