ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक ऑनलाइन विक्रेता कंपनी को खराब लेडीज टॉप बेचने के मामले में हर्जाना देने का आदेश दिया है। आयोग ने विक्रेता ‘दी हैंगर वेस्टर्न हब’ को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया। मामले के अनुसार, दीपिका पमनानी उर्फ दीक्षा पमनानी ने 3080 रुपए का एक लेडीज टॉप ऑनलाइन खरीदा था। 15 नवंबर 2023 को जब उन्हें कोरियर से पार्सल मिला और टॉप खोला गया, तो वह फटा हुआ और दोषपूर्ण पाया गया। शिकायतकर्ता ने तुरंत विक्रेता को इसकी जानकारी दी और उत्पाद बदलने का अनुरोध किया। विक्रेता के निर्देश पर खराब टॉप वापस भेज दिया गया। हालांकि, विक्रेता ने न तो नया टॉप उपलब्ध कराया और न ही राशि लौटाई। बाद में विक्रेता ने यह कहते हुए टॉप बदलने से इनकार कर दिया कि उत्पाद ग्राहक की गलती से खराब हुआ था। कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद जब विक्रेता की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर माना कि उपभोक्ता को दोषपूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराया गया था। इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में रखते हुए आयोग ने विक्रेता के खिलाफ एक पक्षीय आदेश पारित किया। आयोग ने आदेश दिया कि विक्रेता 45 दिनों के भीतर उपभोक्ता को 3080 रुपए की पूरी राशि लौटाए। तय समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। इसके अलावा, मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 1500 रुपए और वाद व्यय के रूप में 1000 रुपए अदा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।


