रेलवे स्टेशन के सामने महिला एनसीसी की ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) एक ऐतिहासिक इमारत है। इस भवन में अब आकर्षक लाइटिंग की गई है। 1965 में स्थापित यह अकादमी एशिया की एकमात्र संस्था है, जो विशेष रूप से महिला एनसीसी अधिकारियों और प्रशिक्षकों को तैयार करती है। इसे एनसीसी कॉलेज फॉर वुमेन और महिला अधिकारी प्रशिक्षण स्कूल के रूप में जाना जाता है। अकादमी में सेना जैसा सख्त प्रशिक्षण अकादमी में एनसीसी के आर्मी और नेवी विंग से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां कैडेट्स को ड्रिल, परेड, फील्ड क्राफ्ट, मैप रीडिंग, प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, फायरिंग की प्रारंभिक जानकारी और शारीरिक फिटनेस से जुड़े अभ्यास कराए जाते हैं। इसके साथ ही व्यक्तित्व विकास, आत्मरक्षा, नेतृत्व कौशल और टीम वर्क पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।*photocaption* वर्षभर में 4 बैच, करीब 500 वुमन होती हैं ट्रेंड एनसीसी देश का सबसे बड़ा युवा बल है। देश में लगभग 18 लाख तक एनसीसी कैडेट्स हैं। आने वाले समय में इनकी संख्या 25 लाख तक हो सकती है। ग्वालियर की इस अकादमी में वर्षभर में प्रशिक्षण के चार बैच संचालित किए जाते हैं। वर्षभर में करीब 500 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण 3 माह का होता है। इसमें सफल होने वाली महिला कैडेट्स को बतौर एनसीसी अफसर कमीशन मिलता है। इसके बाद ये एनसीसी अफसर देश के अलग-अलग शिक्षण संस्थान में जाकर नए कैडेट तैयार करती हैं।


