आरयूएचएस मेडिकल ऑफिसर के 1480 पदों के लिए 14 फरवरी से आवेदन लेगा। करीब 3 साल बाद ये वैकेंसियां आई हैं, लेकिन 2019 बैच के स्टूडेंट्स इसमें आवेदन करने से वंचित रहेंगे। ऐसे में उन्होंने आपत्तियां जताना और विरोध करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि विंडो 18 फरवरी तक खोली जाएगी। उदयपुर में प्रदेश के सबसे ज्यादा 6 मेडिकल कॉलेज हैं। ऐसे में अकेले इस शहर के करीब एक हजार छात्र प्रभावित होंगे। इसी तरह प्रदेशभर में साढ़े 5 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी वंचित होंगे। अगर यह विंडो 10 दिन बाद खोली जाए तो ये स्टूडेंट्स भी एग्जाम दे पाएंगे। इन छात्रों की पीड़ा इसलिए भी बढ़ी हुई है, क्योंकि इसके बाद यह भर्ती वापस से तीन-चार साल बाद होगी। ये परीक्षा 4 अप्रैल को प्रस्तावित है। आज ज्ञापन सौंपेंगे, सेवारत चिकित्सा संघ भी साथ आया ऑल राजस्थान इंटर्न डॉक्टर एसोसिएशन ने इस मुद्दे पर चिकित्सा मंत्री से मुलाकात कर तारीख आगे बढ़ाने की मांग की है। वाइस प्रेसिडेंट मोहित लबाना ने बताया कि 10 दिन जल्दी फॉर्म खुलने से 5000 डॉक्टर इस भर्ती से वंचित रह जाएंगे। तारीख नहीं बढ़ाई तो अगली भर्ती तक डॉक्टरों को बेरोजगार बैठना पड़ेगा। इस मामले में उदयपुर के 2019 बैच के सभी डॉक्टर शुक्रवार को कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ ने भी नए डॉक्टरों की इस मांग का समर्थन किया है। उदयपुर के एक हजार से ज्यादा छात्र प्रभावित, जानिए क्यों?


