ओंकारेश्वर में ठेला कारोबारियों की रोजी पर संकट:गेस्ट हाउस संचालकों के दबाव में हटाने का आरोप, बोले- आईएएस अफसर ने आवंटित की थी जगह

ओंकारेश्वर में वर्षों से हाथ ठेलों पर छोटा व्यवसाय कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे 15 गरीब दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। नगर निगम और प्रशासनिक अमले पर जबरन ठेले हटाने और धमकाने का आरोप लगाते हुए दुकानदारों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि, वे गजानन आश्रम के सामने ओमकार प्रसादम् मार्ग में पिछले करीब 10 वर्षों से व्यवसाय कर रहे हैं। इसी स्थान पर हर साल मेला भी लगता है और नगर परिषद द्वारा ठेले लगाने की रसीदें भी काटी जाती रही हैं। आवेदन में बताया गया कि 30 दिसंबर 2025 को बिना किसी पूर्व सूचना के नगर निगम का अमला जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचा और ठेले हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। विरोध करने पर दुकानदारों को दोबारा ठेला लगाने पर कार्रवाई और सामान जब्त करने की धमकी दी गई। दुकानदारों का कहना है कि उनके पास आय का कोई अन्य साधन नहीं है और यह कार्रवाई उनके पूरे परिवार को भूखमरी की स्थिति में धकेल सकती है। दुकानदारों ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में आईएएस सीएमओ डॉ श्रीकृष्णा सुशीर ने सीमांकन कर ले-आउट बनाकर ठेले लगाने की अनुमति दी थी। इसके बावजूद अब दोबारा बिना जानकारी और वैकल्पिक व्यवस्था के हटाने का प्रयास किया जा रहा है। वे नगर परिषद को निर्धारित किराया देने को तैयार हैं। गेस्ट हाउस संचालकों के दबाव में कार्रवाई की आवेदक ममता शर्मा, आयुषी मालवीया, फत्तु मोरे, ममता जाधव, नंदनी मालवीया, लखन जायसवाल, बबली चौहान, शिवा चौहान, देवी चारण, रितिक आदि ने बताया कि कुछ गेस्ट हाउस संचालकों के दबाव में इस स्थान को पार्किंग में बदलने की कोशिश की जा रही है, जबकि कुबेर भंडारी क्षेत्र में पहले से ही पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध है। दुकानदारों ने भरोसा दिलाया है कि किसी शासकीय या प्रशासनिक कार्यक्रम के दौरान वे अस्थायी रूप से स्थान खाली करने में भी सहयोग करेंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *