ओड़गी में 7 साल तक नहीं हुई सुनवाई, तो लोगों ने खुद फावड़ा उठा संवारा मुक्तिधाम

भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर जनपद पंचायत बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत ओड़गी में प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों ने स्वावलंबन की मिसाल पेश की है। पिछले सात वर्षों से मुक्तिधाम की बदहाली को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे ग्रामीणों का जब धैर्य जवाब दे गया, तो उन्होंने स्वयं ही श्रमदान कर मुक्तिधाम के कायाकल्प का बीड़ा उठा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि झुमका बांध के किनारे स्थित यह मुक्तिधाम लंबे समय से उपेक्षित है। बारिश के दिनों में यहां पानी भर जाने से पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है, जिससे अंतिम संस्कार करने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। समस्या को लेकर पिछले 7 सालों से लगातार ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। लगातार हो रही अनदेखी से नाराज सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शुक्रवार से स्वयं के संसाधनों से कार्य शुरू कर दिया। जेसीबी और मानव श्रम के माध्यम से मुक्तिधाम के गड्ढों को भरने और मिट्टी पटाकर समतलीकरण करने का काम जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन के भरोसे बैठने के बजाय उन्होंने समस्या का समाधान खुद करने का निर्णय लिया।

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