ओबीसी आयोग अध्यक्ष ने किया जनसंवाद:नगरीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर हुई खुली चर्चा

हनुमानगढ़ में राजस्थान अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग के अध्यक्ष, न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) मदनलाल भाटी ने एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ, जिसका उद्देश्य नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर चर्चा करना था। इसमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आमजन से सीधा संवाद किया गया। आयोग अध्यक्ष मदनलाल भाटी ने जनसंवाद के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य ओबीसी वर्ग से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों, सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों और विकास की आवश्यकताओं को समझना है। उन्होंने बताया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर आयोग एक तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा, जिससे ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर सही फैसला लिए जा सकें। भाटी ने जोर दिया कि यह एक खुला मंच है, जहां सभी प्रतिभागी अपने विचार और समस्याएं साझा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत आयोग को ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में ओबीसी वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति, तीव्रता और प्रभावों का अध्ययन करना है। इसी अध्ययन के आधार पर पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के संबंध में सिफारिशें प्रस्तुत की जाएंगी। खुली परिचर्चा के दौरान हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल ने नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में मूल पिछड़ा वर्ग के कम प्रतिनिधित्व पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पिछड़ा, मध्य पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग का वर्गीकरण कर वंचित वर्गों को उनका राजनीतिक अधिकार दिलाने की मांग की। इस दौरान विभिन्न समाजों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए और ज्ञापन सौंपे। इस जनसंवाद कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदी लाल मीना, एसीईओ देशराज बिश्नोई, नगरपरिषद आयुक्त सुरेंद्र यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, बलबीर बिश्नोई सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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