ओरसा घाटी बस हादसा: जांच रिपोर्ट में ओवरस्पीड और ओवरलोडिंग की पुष्टि

भास्कर न्यूज | महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा घाटी में रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे की जांच को लेकर उपायुक्त के निर्देशानुसार तीन सदस्यीय जांच टीम ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम में डीटीओ उमेश मंडल, एसडीओ बिपिन कुमार दुबे एवं एसडीपीओ शिवपूजन बहेलिया शामिल थे। निरीक्षण के दौरान एमवीआई थाना प्रभारी मनोज कुमार एवं कर्मी राजेश कुमार भी मौके पर मौजूद थे। इस संबंध में डीटीओ उमेश मंडल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण ओवरस्पीड, ओवरलोडिंग एवं ह्यूमन एरर पाया गया है। सड़क पर टायर के स्किड होने के स्पष्ट निशान मिले हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि ब्रेक प्रणाली कार्य कर रही थी। वहीं दुर्घटनाग्रस्त वाहन में पांचवां गियर लगे होने से यह अनुमान लगाया गया कि वाहन अत्यधिक गति में था, जिस पर चालक नियंत्रण नहीं रख सका और दुर्घटना घटित हो गई। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व सोमवार को भी जिला सड़क सुरक्षा सेल द्वारा दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से आरटीओ यशवंत यादव (एमवीआई), ट्रैफिक इंस्पेक्टर विमलेश देवांगन, महुआडांड़ थाना प्रभारी, आरईए, डीआरएम तथा आरसीडी लातेहार के कनीय अभियंता (जेई) संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचे और स्थल की बारीकी से जांच की। निरीक्षण टीम ने अपनी रिपोर्ट में भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के िलए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। जिला सड़क सुरक्षा इकाई, लातेहार ने संबंधित विभागों से इन सभी सुरक्षा उपायों को शीघ्र लागू करने की मांग की है, ताकि ओरसा घाटी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और आमजन की जान सुरक्षित रह सके। छतीसगढ़ आईजी ने गठित की एसआईटी ओरसापाठ घाटी में हुए भीषण सड़क हादसे को छत्तीसगढ़ सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा ने गंभीरता से लिया है। घटना की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए उनके निर्देश पर विशेष जांच समिति (एसआईटी) का गठन किया गया है। जांच समिति बस के परमिट, फिटनेस, पंजीयन, चालक के लाइसेंस, ओवरलोडिंग तथा यातायात नियमों के उल्लंघन की बिंदुवार जांच करेगी।

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