लुधियाना| ओशो उत्सव लुधियाना की ओर से आयोजित ध्यान संध्या में ओशो रजनीश द्वारा मानवता के लिए दी गई ध्यान विधियों, प्रवचनों और जीवन जीने की कला को साझा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ओशो प्रेम गीत से हुई, जिसके बाद नो माइंड मौन ध्यान, ओशो के प्रवचन, वी और गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से संन्यासियों ने ध्यान का अभ्यास किया। स्वामी मनोज प्रीत व स्वामी सतनाम ने बताया कि इन ध्यान विधियों से तनाव और अवसाद से राहत मिलती है। स्वामी गुरप्रीत ने कहा कि ओशो उत्सव ऐसे आयोजन नियमित करता है, जिसमें कोई भी व्यक्ति निशुल्क भाग ले सकता है।


