इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के अधीन संचालित मुक्ति गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एजेंसी ने बिना किसी पूर्व सूचना के दो जनवरी से एलपीजी की आपूर्ति अचानक बंद कर दी है। इसके साथ ही एजेंसी के पुरानी रांची स्थित कार्यालय और हरमू चापू टोली स्थित गोदाम में ताला लगा दिया गया है। इस फैसले से एजेंसी से जुड़े 10 हजार से अधिक कंज्यूमर असमंजस की स्थिति में हैं और गैस सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान हैं। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि एजेंसी की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बताई गई है। स्थिति है कि कंज्यूमर मोबाइल के जरिए गैस बुकिंग करा पा रहे हैं। बुकिंग के बाद डीएसी नंबर भी आ रहा है और तीन-चार दिनों के भीतर डिलिवरी का मैसेज भी मोबाइल पर मिल रहा है, लेकिन वास्तविकता में गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो रही। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बिना सूचना के एजेंसी बंद होने से सैकड़ों उपभोक्ता रोजाना पुरानी रांची कार्यालय और हरमू चापू टोली गोदाम के चक्कर लगाने को विवश हैं, लेकिन दोनों ही जगह ताला लटका मिला। कार्यालय और गोदाम के बाहर एक-एक मोबाइल नंबर जरूर चिपकाया गया है, लेकिन अधिकांश समय ये नंबर या तो बंद रहते हैं या कॉल रिसीव नहीं किया जाता। कंज्यूमर अपने-अपने डिलिवरी मैन को भी फोन कर रहे हैं, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिल रहा। गोदाम शिफ्टिंग के कारण ऐसी समस्या उत्पन्न हुई। हमने इंडियन ऑयल से कहा है कि हमारे कंज्यूमरों को फिलहाल दूसरी एजेंसी से डिलिवरी कराए। जयंत एवं झलक गैस एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। दो, तीन दिनों में जिन्होंने भी बुकिंग करायी है, उसकी डिलिवरी करायी जाएगी। गोदाम शिफ्टिंग में कम से कम एक महीने का समय लगेगा। – अमरजीत कच्छप, उर्फ बापी, संचालक मुक्ति गैस एजेंसी मुक्ति गैस एजेंसी रांची की सबसे पुरानी एलपीजी एजेंसियों में से एक है, जो पिछले करीब 30 वर्षों से इंडियन ऑयल के अधीन संचालित हो रही है। एजेंसी से लगभग 10,500 कंज्यूमर जुड़े हुए हैं। इसके अंतर्गत हरमू, किशोरगंज, आनंद नगर, विद्या नगर, पहाड़ी मंदिर क्षेत्र, पुरानी रांची, गाड़ीखाना चौक, मधुकम, कुम्हार टोली सहित आसपास के इलाके आते हैं। पहले से होम डिलिवरी व्यवस्था को लेकर शिकायतें रही हैं, और अब अचानक ताला लग गया है। उपभोक्ता विश्वनाथ ठाकुर ने बताया कि पांच जनवरी को गैस बुकिंग कराई थी। डीएसी नंबर भी आ गया, लेकिन आज तक गैस नहीं मिली। परेशान होकर गोदाम पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। कृष्णा प्रजापति का कहना है कि बुकिंग अब सिर्फ औपचारिकता बन कर रह गई है। डिलिवरी का मैसेज आ जाता है, लेकिन गैस नहीं मिलती। मोनिका कुमारी ने भी बताया कि अक्सर ऐसा होता है कि डिलिवरी का मैसेज आ जाता है, लेकिन सिलिंडर नहीं पहुंचता।


