अमनदीप सिंह | अमृतसर इस्लामाबाद इलाके में खतरा बन चुकी एक जर्जर 90 फीट ऊंची पानी की टंकी को शुक्रवार को कंट्रोल्ड डिमोलिशन टेक्नीक के जरिए गिरा दिया गया। टंकी का निर्माण 1984 में हुआ था और लंबे समय से उपयोग में नहीं थी। नगर निगम ने संगरूर की एक कंपनी को टंकी गिराने का काम सौंपा था। पूरी प्रक्रिया के दौरान आसपास के 100 मीटर क्षेत्र को एहतियातन खाली कराया गया और नगर निगम की टीम मौके पर तैनात रही। जर्जर टंकी वार्ड 63 के इस्लामाबाद इलाके में शनि मंदिर के पीछे स्थित पार्क के बीच बनी हुई थी। बरसों से इसमें पानी नहीं चढ़ा था, जिसके चलते इसकी सीमेंट और कंक्रीट लगातार झड़ रही थी। आसपास रिहायशी मकान और भगवान शनि का मंदिर होने के कारण यह टंकी लोगों और श्रद्धालुओं के लिए गंभीर खतरा बनी हुई थी। कंट्रोल्ड डिमोलिशन टेक्नीक के तहत तकनीकी सर्वे के बाद यह तय किया गया कि टंकी को एक निश्चित दिशा में गिराया जाएगा ताकि आसपास के रिहायशी इलाके को कोई नुकसान न पहुंचे। 90 फीट ऊंची टंकी के कुल 13 पिलर थे। निर्धारित दिशा में मौजूद 6 पिलरों को भारी मशीनों से ड्रिलिंग कर जड़ से उखाड़ा गया। इससे पहले टंकी से जुड़े सभी पुराने जल आपूर्ति सपोर्ट को काट दिया गया, ताकि कोई अतिरिक्त दबाव न रहे। इस रणनीति के तहत टंकी को महज 25 फीट के दायरे में सुरक्षित रूप से गिराया गया।


