ग्वालियर में ठंड की थर्ड डिग्री का मौसम शुरू होते ही उससे बचाव के लिए सिर्फ अलाव ही सहारा है। यही वजह हैं कि पूरे शहर भर में कोयला और लकड़ी की बिक्री में भी लगातार बढ़ोतरी हो गई है। लोगों को हाड़ कपा देने वाली ठंड से बचने के लिए अलाव ही एकमात्र सहारा है और इसके लिए अब लोग लकड़ी-कोयले की ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। कॉल डिपो पर लकड़ी कोयला खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। वहीं कोयले की खपत में 40 से 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पहले कोयले की खपत 25-30 प्रतिशत थी, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है, इसलिए कोयले की अधिक खपत हो रही है। माना जा रहा है कि अगर ठंड इसी तरह बढ़ती रही तो कोयले की खपत में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंड ढा रही सितम बता दें कि नए साल के आगमन के पहले हफ्ते के साथ ही ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंड का सितम शुरू हो गया है। ग्वालियर में बीते रोज सीवियर कोल्ड डे रहे हैं। मतलब यहां 16 से 17 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बर्फीली हवा चल रही है। रात का पारा 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तो दिन का पारा 10.4 डिग्री सेल्सियस के बीच में बना हुआ है। इस साल लकड़ी-कोयले की बिक्री में 40 से 40 फीसदी हुई बढ़ोतरी हुई है। गुप्ता कॉल डिपो के संचालक सीता गुप्ता का कहना है कि इस सर्दी सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, ठंड बढ़ने के कारण इसकी बिक्री भी बढ़ गई है, लोग पांच-पांच दस-दस किलो से ज्यादा कोयला और लकड़ी खरीदने आ रहे हैं। कोयले की खपत में 40 से 50 प्रतिशत का सीधा इजाफा हुआ है, क्योंकि ग्वालियर में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है इसलिए कोयला और लकड़ी को खरीदने वाले ग्राहक भी लगातार इन्हें खरीदने के लिए उनकी दुकान पर आ रहे हैं। वही कॉल डिपो संचालक नारायण ने बताया कि इस साल ज्यादा ठंड पड़ रही है, इसलिए कोयला और लकड़ी की खपत ज्यादा हो गई है, वह ग्राहकों को ठीक से सप्लाई भी नहीं दे पा रहे हैं। एशियाई व्यापार में इस साल व्यापार में 30 से 35% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल कोयले की कीमत ₹35 प्रति किलो थी लेकिन इस साल बढ़कर इसकी कीमत ₹40 किलो हो गई है। जो कोयला 15 टन बिकता था वहीं अब 40 से 45 टन पर पहुंच गया है। क्या कहते हैं दुकान पर लकड़ी-कोयला खरीदने वाले कोयला का खरीदने आए ग्राहक अजय कुशवाह का कहना है कि इस साल सर्दी का सितम बहुत ही जोरदार है। इसलिए वह सर्दी से बचने के लिए लड़कियां कोयला खरीदने के लिए आए हैं। इस साल इसकी खरीद पर ₹10 की बढ़ोतरी हो गई है।


