नगर निगम लुधियाना की आगामी जनरल हाउस मीटिंग में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक, कर्मचारी, बुनियादी ढांचा और शहरी प्रबंधन से जुड़े 8 प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय किए जाने की तैयारी है। एजेंडा में कर्मचारियों के तबादले, नई भर्तियों की प्रक्रिया, विभिन्न विभागों में पद सृजन, और शहर के ठोस कचरा प्रबंधन के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत बड़े प्रोजेक्ट जैसे मुद्दे शामिल हैं। मीटिंग इस बार गुरु नानक देव भवन में 9 फरवरी को बाद दोपहर 3 बजे रखी गई है। एजेंडा के अनुसार सबसे पहले दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में हुई वित्त एवं ठेका समिति की बैठकों के प्रस्तावों को अनुमोदन के लिए हाउस में रखा जाएगा। इन बैठकों में लिए गए निर्णयों को औपचारिक मंजूरी देना निगम की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। कर्मचारियों के तबादले निगम की सेवादार रजनी, क्लर्क विपिन कुमार, क्लर्क आईटी मंदीप सैनी के तबादले संबंधी प्रस्ताव पर विचार होगा। दोनों निगमों से प्रस्ताव पारित होने और राज्य सरकार की अनुमति के बाद तबादले के आदेश जारी किए जाने हैं। इस मामले में हाउस की प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव पेश किया जाएगा। हर सब-जोन में सुपरवाइजर निगम की बीएंडआर शाखा में वर्तमान में 999 बेलदार पदों के मुकाबले केवल तीन वर्क सुपरवाइजर कार्यरत हैं, जिससे काम की निगरानी में कठिनाई हो रही है। प्रस्ताव है कि प्रत्येक सब-जोन में एक सुपरवाइजर नियुक्त किया जाए। बागवानी विभाग में 12 नए सुपरवाइजर पद सृजन का प्रस्ताव रखा गया है। 8 नए फायरमैन भर्ती प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण प्रस्ताव फायरमैन पदों पर चयनित 8 उम्मीदवारों के नाम नगर निगम को भेजे गए हैं। इन उम्मीदवारों की नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले हाउस की मंजूरी और विभागीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों की मेडिकल जांच, पुलिस वेरिफिकेशन और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की पुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी प्रस्ताव में शामिल हैं। ठोस कचरा प्रबंधन के लिए पीपीपी प्रोजेक्ट हाउस मीटिंग का सबसे अहम एजेंडा शहर में एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू करने से जुड़ा है। नगर निगम ने पीपीपी मॉडल के तहत कचरा संग्रह, परिवहन, प्रोसेसिंग और निस्तारण के लिए व्यापक योजना तैयार की है। नगर निगम वर्तमान में डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए अनौपचारिक क्षेत्र का उपयोग कर रहा है और कचरे के परिवहन का काम निजी एजेंसी कर रही है। कचरे के प्रोसेसिंग और निस्तारण के लिए भी निजी कंपनी से समझौता हुआ है। डोर-टू-डोर कलेक्शन, कचरे का पृथक्करण, प्रोसेसिंग व निस्तारण को एकीकृत रूप से लागू किया जाएगा। परियोजना पर आठ साल में कुल खर्च 1100 से 1200 करोड़ रु. तक पहुंच सकता है। परियोजना को एफएंडसीसी और हाउस की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।


