अमनदीप सिंह पश्चिम हलके के अधीन आते वार्ड 75 का इलाका कच्ची हवेली आज भी अनदेखी की मिसाल बना हुआ है। यहां रहने वाले करीब 25 परिवार पिछले 60 साल से बिना सीवरेज, बिना वाटर सप्लाई, बिना स्ट्रीट लाइट और कच्ची गलियों में जीवन बिताने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि छेहर्टा रेलवे स्टेशन के विस्तार के बाद उनका मुख्य रास्ता काट दिया गया। रेलवे की ओर से दीवार बनाने की तैयारी थी, जिसे लोगों ने लंबे संघर्ष के बाद रुकवाया और थोड़ा-सा रास्ता छुड़वाया। अब स्थिति यह है कि लोगों को एक संकरी गली से निकलना पड़ता है, जबकि किसी भी आपात स्थिति में बाजार जाने के लिए रेल लाइनों को पार करना मजबूरी बन चुका है। वार्ड के अन्य इलाकों छेहर्टा फाटक, छेहर्टा फाटक से वडाली को जाता मुख्य मार्ग, बाबा दीप सिंह कॉलोनी, न्यू बाबा दीप सिंह कॉलोनी में भी समस्याएं कम नहीं हैं। बाबा दीप सिंह कॉलोनी और न्यू बाबा दीप सिंह कॉलोनी में सीवरेज ब्लॉकेज रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है।
पार्षद कश्मीर सिंह वडाली ने कहा कि सीवरेज ब्लॉकेज को लेकर डिसिल्टिंग करवाई जा रही है और नए सीवरेज काम भी शुरू किया जा रहा है। हाउस की मीटिंग के बाद कच्ची हवेली की समस्याओं को उच्च अधिकारियों और हलका विधायक के समक्ष उठाया जाएगा। भाजपा से चुनाव लड़े जोगिंदर सिंह अटवाल ने कहा कि सबसे गंभीर समस्या कच्ची हवेली के लोगों की है। वहीं फाटक पर न अंडरपास बन रहा है, न फ्लाईओवर। रोज जाम लगता है। पार्षद समस्याओं का समाधान नहीं करवा पा रहे, सीवरेज की परेशानी लगातार बनी हुई है। हरजीत सिंह, निवासी न्यू बाबा दीप सिंह कॉलोनी ने बताया कि इलाके में आए दिन सीवरेज ब्लॉक हो जाता है। बदबू और गंदगी से रहना मुश्किल हो जाता है। जागीर सिंह, निवासी कच्ची हवेली ने बताया कि पिछले 60 साल से यहां रह रहे हैं। न सीवरेज, न पानी, न स्ट्रीट लाइट और अब रास्ता भी काट दिया गया। संजीव कुमार, निवासी छेहर्टा फाटक ने बताया कि वडाली के रास्ते में सीवरेज ढक्कन टूट चुका है। कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।


