कछुए के बिजनेस के नाम पर 6 लाख ठगे:डील होने के बाद बदमाश आए,कछुआ और रुपए लेकर भागे

सीकर के दांतारामगढ़ क्षेत्र में कछुए के बिजनेस के नाम पर 6 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। आरोपी ने पैसे लेकर अपने साथियों को वहां बुलाया। जो कछुआ और नगदी रुपए भी लेकर फरार हो गए। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। फतेहपुरा निवासी लालचंद ने दांतारामगढ़ पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया कि 6 दिसंबर को दोपहर 2 बजे उसके घर पर चार बावरियों के आदमी आए। जिनके नाम रतन, दारा, राजू और घासीराम थे। जिन्होंने लालचंद का ट्रैक्टर खरीदने की बात की तो लालचंद ने 5.70 लाख रुपए उसकी कीमत बताई। उस दिन वह लोग ट्रैक्टर की फोटो लेकर चले गए। उसी दिन शाम को 5 बजे रतन बावरिया ने लालचंद को कॉल किया और कहा कि कोई कछुआ मिल जाए तो ध्यान रखना,लेकिन उस दिन लालचंद कोई शादी में गया हुआ था तो उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। 7 दिसंबर को रतन ने वापस लालचंद को कॉल करके कहा कि कछुआ मिला क्या। लालचंद ने रतन को कह दिया कि क्यों परेशान कर रहे हो। तब रतन ने बताया कि कछुए को 65 लाख रुपए में बेचते हैं। कोई मिल जाए तो बताना। 4 दिसंबर को रतनलाल ने कॉल करके लालचंद को कहा कि नावां में एक बावरिया के पास एक कीमती कछुआ है जिसके वह 7 लाख रुपए मांगता है,किसी को बताना मत। उसी दिन वापस रतनलाल ने लालचंद को कॉल किया और कहा कि मैं कछुआ देखकर आया हूं। मेरे पास एक पार्टी है जो उसे 65 लाख में खरीद लेगी। रतनलाल ने लालचंद को कहा कि तुम भी आ जाना तुम्हें भी प्रॉफिट करवा देंगे। रतनलाल की बातों में आकर लालचंद भी अपने दो साथी रामनिवास और गोपाल के साथ दांतारामगढ़ गया। जहां रतनलाल अपने साथ लालचंद को एक मोटरसाइकिल से खेत में लेकर गया और वहां कछुआ दिखाया। वहां पर एक स्विफ्ट गाड़ी भी आई जिसमें तीन आदमी बैठे थे उन्होंने रुपयों से भरा कार्टून दिखाया और कछुआ लाने के लिए बोला। रतनलाल ने लालचंद को कहा कि उसके पास डेढ़ लाख रूपए है बाकी आप लेकर आओ तो अच्छी कमाई हो जाएगी। लालच में आकर लालचंद ने अपने किसी परिचित से 6 लाख रुपए उधार लिए। इसके बाद 5.50 लाख तो रतनलाल को दिए और 50 हजार अपने पास ही रख लिए। फिर रतनलाल ने कहा कि कछुआ देने वाला खाचरियावास में मिलेगा। इसके बाद सभी खाचरियावास चले गए। वहां शाम 5:40 पर कछुआ देने वाला मिला। उसे 7 लाख देकर कछुआ ले लिया। वहां से थोड़ी दूर चलने पर ही गाड़ी बंद हो गई। इतने में ही एक बिना नंबर की कैंपर गाड़ी आई जिसमें चार-पांच आदमी थे। उनके पास लाठी और सरिए भी थे। वह लोग कछुआ और लालचंद के पास रखे 50 हजार रुपए भी छीनकर ले गए। उसे घटना के बाद रतनलाल भी अपना फोन बंद कर गायब हो गया और कहा कि इस घटना के बारे में किसी को भी मत बताना। फिर धोद पुलिस के जरिए लालचंद को सूचना मिली कि रतनलाल की पत्नी इंद्रा ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दी है। उस वक्त डर के चलते पुलिस थाना धोद में लालचंद ने अपने साथ हुई घटना नहीं बताई। अब लालचंद को पता चला कि इंद्रा ने उसके खिलाफ 2 लाख रुपए हड़पकर मारपीट करने और जातिसूचक गाली देने का मामला दर्ज करवाया है। अब दांतारामगढ़ पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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