कटनी जंक्शन आउटर पर आपराधिक वारदातें बढ़ीं:ट्रेनों में लूटपाट और चेनपुलिंग से यात्री परेशान; RPF-GRP की सुरक्षा में चूक

कटनी जंक्शन के आउटर इलाके इन दिनों अपराधियों का गढ़ बन गए हैं। यहां आए दिन आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है, जिससे रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बदमाश अब न सिर्फ चलती ट्रेनों से यात्रियों का सामान छीन रहे हैं, बल्कि चेनपुलिंग कर ट्रेनों को आउटर पर रोककर भी लूटपाट कर रहे हैं। हाल ही में 22 नवंबर को सीआरपीएफ जवानों से भरी एक ट्रेन में बंदूक की मैगजीन चोरी की घटना सामने आई थी। इससे ठीक एक दिन पहले कटनी स्टेशन के आउटर पर तीन ट्रेनों में चेनपुलिंग की गई थी। खिरहनी फाटक के पास गाड़ी संख्या 11072 कामायनी एक्सप्रेस और 12539 लखनऊ सुपर फास्ट को रोका गया, वहीं गायत्रीनगर आउटर में गाड़ी संख्या 12792 दानापुर-सिकंदराबाद सुपरफास्ट में भी चेन खींची गई। आउटर पर रुकती ट्रेनों में बढ़ी लूट, पुलिस तक भनक नहीं हालांकि, जीआरपी कटनी में इन घटनाओं से संबंधित कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। इन वारदातों से स्पष्ट होता है कि ट्रेनों को आउटर पर रोकना बदमाशों का एक नया और खतरनाक तरीका बन गया है, जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल है। कटनी जंक्शन के आउटर पर चलती ट्रेन में होने वाली सैकड़ों छिनतई की वारदातें पुलिस तक पहुंच ही नहीं पातीं। यात्री अक्सर अपना सफर बाधित न करने के कारण शिकायत दर्ज कराए बिना आगे बढ़ जाते हैं। सीआरपीएफ जवान की मैगजीन चोरी के आरोपी से पूछताछ के बाद उसके बताए स्थान से कई पर्स, एटीएम और अन्य सामान बरामद हुए थे। यह दर्शाता है कि अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद यात्रियों के सामान को आउटर पर फेंक देते हैं, जिससे यह क्षेत्र उनके लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन गया है। पिछले महीने भी हुई ऐसी वारदात पिछले महीने सतना की ओर जा रही सूबेदारगंज स्पेशल ट्रेन में हुई पत्थरबाजी की घटना है। बदमाशों ने पत्थर मारकर ट्रेन की खिड़की तोड़ दी, जिससे वह सीधे एक मासूम बच्चे के सिर पर लगा और वह लहूलुहान हो गया। परिजनों को मैहर स्टेशन पहुंचकर बच्चे का इलाज कराना पड़ा था। ​इस मामले में जीआरपी ने एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की, वहीं आरपीएफ ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ रेल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। कटनी आउटर पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे अब अपनी प्रभावशीलता खोते जा रहे हैं। रेल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाए गए कुल 19 कैमरों में से कई कैमरे खराब हो चुके हैं, वहीं कुछ को असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है। 16 कैमरों में से 8 साउथ दिशा में और 8 सतना एंड की तरफ लगाए गए थे, लेकिन कई अब काम नहीं कर रहे। इनकी खराबी से आउटर पर चोरी और झपटमारी जैसी वारदातें बढ़ गई हैं, जिससे अपराधियों के हौसले भी बढ़े हुए हैं। आउटर पर लगे कुछ कैमरे बंद हैं, जल्द होगी मरम्मत जीआरपी टीआई एल.पी. कश्यप के अनुसार, आउटर पर लगे कुछ कैमरे बंद हैं, जिनकी मरम्मत जल्द कराई जाएगी। संदिग्ध गतिविधि दिखते ही गश्त टीम को मौके पर भेजा जाता है। वहीं, आरपीएफ निरीक्षक वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि कटनी स्टेशन के सभी आउटर पर अब सशस्त्र बल तैनात किए गए हैं। कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *