कटनी जिले के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ढीमरखेड़ा जनपद शिक्षा केंद्र के झिन्ना पिपरिया संकुल में पदस्थ एक लिपिक पर तीन महिला अतिथि शिक्षकों का मानदेय दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद अब लिपिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। पिछले सत्र में की गई गड़बड़ी जानकारी के अनुसार, झिन्ना पिपरिया संकुल में पदस्थ लिपिक संदीप कोरी ने पिछले शैक्षणिक सत्र में यह गड़बड़ी की। आरोप है कि उन्होंने प्राथमिक शाला कटरा टोला की सरोज बर्मन, माध्यमिक शाला उमरपानी की अलका बेगम और माध्यमिक शाला खंदवारा की साधना पटेल का मार्च, अप्रैल और जुलाई माह का मानदेय उनके खातों में न भेजकर किसी अन्य व्यक्ति के यूनियन बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। मानदेय नहीं मिलने पर की शिकायत लंबे समय तक मानदेय नहीं मिलने से परेशान महिला अतिथि शिक्षकों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई, जिसके बाद पूरी गड़बड़ी सामने आई। जांच में लिपिक दोषी पाया गया मामले की जांच के लिए विभाग की ओर से छह सदस्यीय टीम बनाई गई थी। संकुल प्राचार्य रोहिणी प्रसाद झारिया ने बताया कि जांच दल की रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि लिपिक ने जानबूझकर मानदेय की राशि में हेराफेरी की है। विभाग में उठ रहे सवाल इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में सवाल उठने लगे हैं कि इतनी बड़ी गड़बड़ी एक व्यक्ति अकेले कैसे कर सकता है। विभागीय स्तर पर इसे लापरवाही या किसी के संरक्षण से जुड़ा मामला माना जा रहा है। एफआईआर की प्रक्रिया शुरू ब्लॉक शिक्षा अधिकारी संयुक्ता ने आरोपी लिपिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने में प्रतिवेदन भेज दिया है। थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने बताया कि शिक्षा विभाग से संबंधित दस्तावेज प्राप्त हो गए हैं। फिलहाल कागजातों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी लिपिक के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।


