कटनी में सीवर लाइन की खराब स्थिति के कारण दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे शहर में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इंदौर में सीवर और पेयजल लाइनों के टूटने से हुई मौतों और बीमारियों के बाद, कटनी में भी ऐसी ही गंभीर स्थिति की आशंका जताई जा रही है। शहर के कई इलाकों से सीवर लाइन से जुड़ी समस्याओं की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कहीं सीवर लाइन टूटने से गंदा पानी घरों में घुस रहा है, तो कहीं खुले गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। दूषित पानी के संपर्क में आने और उसके सेवन से कई लोग बीमार हो चुके हैं। स्थानीय वार्डवासियों का कहना है कि सीवर लाइन से बहते गंदे पानी के कारण संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। इसका सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ रहा है। कई इलाकों में छोटे बच्चे खुले नालों और सीवर के गड्ढों के आसपास खेलने को मजबूर हैं, जिससे बड़ी दुर्घटनाओं का जोखिम बना हुआ है। शहर के 44 वार्डों सहित अन्य क्षेत्रों में सीवर लाइन के अधूरे और खराब निर्माण कार्यों ने आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर जगह-जगह खुदे गड्ढे, बहता गंदा पानी और तेज बदबू के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। घरों में पहुंच रहा दूषित पानी मदन मोहन चौबे वार्ड निवासी पप्पू चौधरी ने बताया कि सीवर लाइन में लीकेज के कारण दूषित पानी घरों में आ रहा है। उन्होंने कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। वार्ड की नालियां भी जाम हैं, जिससे बीमारी और संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। वार्डवासियों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि सीवर लाइन की तत्काल मरम्मत कराई जाए, खुले गड्ढों को शीघ्र बंद किया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि इंदौर जैसी घटना कटनी में न दोहराई जाए। तुरंत किया जा रहा सुधार संबंध में नगर निगम इंजीनियर सुधीर मिश्रा ने बताया कि शहर में सीवर लाइन पर कार्य चल रहा है। जहां भी लीकेज की समस्या आ रही है उसे तुरंत सुधारने का प्रयास निरंतर जारी है।


