कटनी जिले के बड़वारा वन परिक्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के किनारे भारी मात्रा में खतरनाक अपशिष्ट और फ्लाई ऐश फेंके जाने का मामला सामने आया है। अज्ञात लोगों द्वारा किया जा रहा यह कचरा निस्तारण वन्य जीवों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है। अब मामले में अधिकारियों ने तुरंत हटाने की बात कही है। वन्यजीवों के लिए ‘जहर’ बन रहा कचरा स्थानीय लोगों ने बताया कि बड़वारा–पठरा मार्ग के पास सड़क किनारे पड़े इस अपशिष्ट में प्लास्टिक, रसायन और अन्य हानिकारक सामग्री शामिल होने की आशंका है। भोजन की तलाश में जंगल से बाहर आने वाले जानवर अक्सर इस कचरे के संपर्क में आ जाते हैं। इससे उनके बीमार पड़ने या मौत का खतरा बढ़ जाता है। वन क्षेत्र में इस तरह का प्रदूषण जैव विविधता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। फ्लाई ऐश से इंसानों की सेहत पर भी संकट फ्लाई ऐश एक औद्योगिक उप-उत्पाद है, जिसमें सिलिका, एल्युमिनियम और लोहे के ऑक्साइड जैसे घातक रासायनिक तत्व होते हैं। इसके सूक्ष्म कण हवा में फैलकर फेफड़ों की बीमारियाँ, सांस की दिक्कतें और कैंसर जैसे जोखिम बढ़ाते हैं। बड़वारा सहित आसपास के गांवों के लोगों में इस कारण बीमारी फैलने का डर बढ़ गया है। लोग बोले- जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करें स्थानीय निवासी अवध सिंह यादव ने कहा कि वन विभाग की लापरवाही के कारण कुछ लोग यह इलाका डंपिंग ग्राउंड बना रहे हैं। उन्होंने मांग की कि कचरे को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नष्ट किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वन विभाग ने माना मामला, जल्द होगी कार्रवाई कुंडम परियोजना परिक्षेत्र बड़वारा के रेंजर सैयद जुनैद हुसैन ने बताया कि विभाग को मामले की जानकारी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वन क्षेत्र से सभी अपशिष्ट पदार्थों को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी, ताकि वन्यजीवों और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।


