इंदौर में दूषित पानी से हुईं 16 मौतों के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी है, लेकिन कटनी में इसका खास असर नहीं दिख रहा है। शहर के मदन मोहन चौबे वार्ड 27 के आदिवासी परिवारों को आज भी बदबूदार और दूषित पानी की सप्लाई की जा रही है। वार्ड के निवासी पप्पू चौधरी, सुनीता और पूनम ने बताया कि सिविल लाइन क्षेत्र से जो पानी सप्लाई हो रहा है, उसमें से बदबू आती है। हालात यह हैं कि लोग उस पानी को पीने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। मजबूरी में लोग निजी बोरिंग संचालकों से पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं, जबकि सरकारी नल के पानी का इस्तेमाल सिर्फ नहाने और बर्तन धोने के लिए हो रहा है। शिकायतों के बाद भी सुध लेने नहीं पहुंचा कोई जिम्मेदार क्षेत्रीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी नगर निगम के अधिकारियों, वार्ड पार्षद और हवलदार को कई बार दी है। इसके बावजूद अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों का कहना है कि नगर निगम प्रशासन उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। बीमारी फैलने का डर दूषित पानी के साथ-साथ वार्ड में नालियों की सफाई न होने से भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों को डर है कि गंदे पानी और नालियों की वजह से इलाके में कोई बड़ी महामारी फैल सकती है। प्रशासन के दावों के विपरीत जमीनी हकीकत लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।


