‘कथित-वोट चोरी के पैंतरे के साथ कांग्रेस आंदोलन कर रही’:अमित चिमनानी बोले- जनता के नकारने के बाद अब कांग्रेस पूरी तरह हताश

भाजपा ने कांग्रेस के आंदोलन को लेकर प्रेस ब्रीफ में जमकर हमला बोला है। भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि जनता की ओर से बार-बार नकारे जाने से अब कांग्रेस पूरी तरह हताश और निराश हो गई है। भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करते रहने की इनकी कोशिश एक अक्षम्य अपराध है। बौखलाहट में जिस तरह की भाषा ये उपयोग करते हैं, वह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चिमनानी ने कहा कि, कांग्रेस पहले ईवीएम को बदनाम करती रही थी। कुल 40 बार अलग-अलग अदालतों ने अपने ईवीएम को सही ठहराया। अब कथित वोट चोरी के नये पैंतरे के साथ कांग्रेस आंदोलन कर रही है। तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में चुन कर आए विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के लिए अभद्र शब्दों का उपयोग निंदनीय है। वोट चोर कहने की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। लोकतंत्र की हत्या, बूथ कैप्चरिंग, आदि कांग्रेस का चरित्र रहा है। कांग्रेस को इंदिरा गांधी के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए उन्होंने कहा कि, 12 जून 1975 वह तारीख थी। जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी के चुनाव को लेकर फैसला सुनाया। अदालत ने इंदिरा के चुनाव मे गलत तौर तरीके अपनाने का दोषी माना। उन्हें चुनाव लड़ने के लिए छह साल तक अयोग्य ठहरा दिया गया। इसके बाद इंदिरा ने देशभर में आपातकाल लगा दिया। कांग्रेस को इंदिरा गांधी के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए। राहुल गांधी लागतार झूठ बोलते है जिस पर उन्हें माफी मांगनी पड़ती है। गलत द्वीट के लिए माफी (दिसंबर 2017) अमित चिमनानी ने कहा कि, राहुल गांधी ने कांग्रेस की आधिकारिक ट्विटर रद्दा पर एक ट्वीट किया, जिसमें महंगाई के आंकड़े गलत तरीके से ज्यादा दिखाए गए थे। बाद में उन्होंने ट्वीट हटाकर सही आंकड़े पोस्ट किए और लिखा, “मैं इंसान हूँ, गलती हो जाती है।” ‘चौकीदार चोर है’ का सुप्रीम कोर्ट को गलत संदर्भ देने पर माफी (2019) उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान “चौकीदार ही चोर है” वाक्यांश को सुप्रीम कोर्ट से जोड़ दिया था। कोर्ट की आपत्ति पर राहुल गांधी ने कहा कि यह “हीट ऑफ कैम्पेन” में हुआ और “अनफॉर्चुनेटली” ऐसा हो गया। बाद में उन्होंने कोर्ट से “अनकंडीशनल अपोलॉजी” किया। राहुल गांधी का मोदी (ओबीसी)समाज को गाली देना भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि, राहुल गांधी ने 13 अप्रैल 2019 कर्नाटक के कोलार में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि सारे चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है?” इस बयान के खिलाफ भाजपा नेता पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 499, 500 के तहत आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था, जिसमें मोदी समुदाय को बदनाम करने का आरोप लगाया था। इस मामले में 23 मार्च को सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता छोड़नी पड़ी थी। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले में झूठ राहुल गांधी ने 25 अगस्त, 2022 को कारगिल में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान एक रैली को संबोधित किया था। गलवान में चीनी सेना से हुई हिंसक झड़प जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने रैली में दावा किया था- “लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में क्या-क्या पूछेंगे, लेकिन चीनी सैनिकों ने हमारे सैनिकों की पिटाई की, इस पर एक भी सवाल नहीं पूछेंगे? चीन ने भारत की 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है।” कोर्ट ने पूछा- आपको कैसे पता चला कि चीन ने भारत की 2000 वर्ग किमी जमीन पर कब्जा कर लिया है, विश्वसनीय जानकारी क्या है, अगर आप सच्चे भारतीय होते, तो ऐसा नहीं कहते। कोर्ट ने कहा- जब सीमा पार संघर्ष चल रहा हो, तो क्या आप ये सब कह सकते हैं? हलफनामा साइन करना चाहिए चिमनानी ने कहा कि राहुल गांधी को वोटर लिस्ट में धोखाधड़ी किए जाने के दावों को सही साबित करने के लिए एक हलफनामा साइन करके देना है, लेकिन राहुल गांधी का कहना है कि वे हलफनामा साइन नहीं करेंगे। इससे प्रमाणित होता है वो केवल झूठे आरोप लगा रहे हैं। राहुल गांधी के लगाए जाने वाले झूठे आरोपों की सूची बहुत लंबी है। वह आज तक अपने किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं कर पाए है। कांग्रेस के इस आंदोलन को भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ एक आंदोलन माना जाना चाहिए।

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