कन्यादान योजना: लाभ लेने में वागड़ आगे बांसवाड़ा में हर साल बढ़ रहे 100 आवेदन

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी पर दी जाने वाली सहायता राशि का लाभ लेने में वागड़ सबसे आगे है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत देय यह राशि प्राप्त करने के मामले में डूंगरपुर पहले और बांसवाड़ा दूसरे पायदान पर है। प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में इन दोनों जिलों से ज्यादा आवेदन किसी भी अन्य जिले में नहीं किए गए हैं। प्रदेश में कई जिलों में तो आवेदनों की संख्या दहाई तक सीमित रह गई, कुछ में आंकड़ा 50 से आगे नहीं बढ़ पाया। जबकि बांसवाड़ा में हर साल औसतन 100 आवेदन बढ़ रहे हैं। वर्ष 2023-24 में आवेदनों की संख्या 1463 थी जो 2024-25 में बढ़कर 1540 हो गई। वर्ष 2025-26 में 6 जनवरी तक यह आंकड़ा 1071 दर्ज हुआ है। लाभार्थियों को यह राशि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग उपलब्ध करा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक नानूलाल रोत का कहना है, योजना के उचित प्रचार-प्रसार के चलते कन्यादान योजना में बांसवाड़ा का प्रदर्शन अच्छा है। शिक्षा के आधार पर बढ़ती है प्रोत्साहन राशि: योजना के तहत सहायता राशि दो वर्ग में देय है। हाथलेवा राशि 21 से 31 हजार तक दी जाती है। इसके अतिरिक्त कन्या की शिक्षा के आधार पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। इसमें 10वीं पास कन्या को 10 हजार, स्नातक कन्या को 20 हजार रुपए दिए जाते हैं। मुख्य रूप से योजना की पात्रता के लिए दो वर्ग हैं। इनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्प संख्यक वर्ग के बीपीएल परिवारों की कन्याओं के विवाह पर, इसके अतिरिक्त अन्य वर्गों के बीपीएल परिवारों, अंत्योदय परिवार, आस्था कार्डधारी परिवार, आर्थिक दृष्टि से कमजोर विधवा महिलाओं, विशेष योग्यजन व्यक्तियों की कन्याओं, पालनहार योजना में लाभान्वित कन्याओं एवं महिला खिलाड़ी के स्वयं के विवाह पर सरकार सहायता राशि देती है। योजना के तहत पात्रता के आधार पर 31 हजार से 51 हजार रुपए तक की राशि दी जाती है। जिन 5 जिलों में सर्वाधिक लाभान्वित हैं, उनमें डूंगरपुर जिले में 1850 आवेदनों पर 1320 को लाभ, बांसवाड़ा में 1071 पर 626, कोटा में 502 पर 375, टोंक में 380 पर 255 और दौसा में 379 आवेदनों पर 233 को लाभ मिल चुका है। जबकि 50 से कम आवेदन वाले जिलों में शामिल ब्यावर में 46 में से 28, चित्तौड़गढ़ में 39 में से 18, तिजारा-खैरथल में 30 में से 22, फलोदी में 28 में से 11 को लाभ मिला है।

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