गयाजी. सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय संस्था कन्या विवाह एंड सोसाइटी के संस्थापक और सचिव विकास कुमार माली के ऊपर मारपीट का आरोप है। इन्होंने अपने ऊपर लगाए गए मारपीट के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। उन्होंने साफ कहा कि यह आरोप न सिर्फ झूठे हैं, बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा हैं। फेक न्यूज़ फैलाकर उनकी छवि और संस्था के काम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। विकास कुमार माली ने कहा कि झारखंड के एक यूट्यूबर बिना किसी पक्ष को सुने एकतरफा वीडियो बनाया और खबरें चलाई। इसका मकसद सिर्फ उन्हें बदनाम करना है। संस्था बिहार और झारखंड के कई जिलों में महिलाओं से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं पर काम कर रही है। स्वच्छता-जागरूकता जैसे मुद्दों पर अभियान चलाए शिक्षा, स्वच्छता और जागरूकता जैसे मुद्दों पर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर झारखंड के गढ़वा का जिक्र किया। साथ ही कहा कि वहां संस्था की ओर से साफ-सफाई अभियान और सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था जैसे काम किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से कुछ लोग असहज हैं। जनहित में हो रहे काम कुछ लोगों को रास नहीं आ रहे। विकास माली का आरोप है कि झारखंड में नगर निकाय चुनाव नजदीक हैं। एक स्थानीय नेता, जो चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, संस्था की बढ़ती सक्रियता से घबराए हुए हैं। इसी बेचैनी में यूट्यूबर के जरिए झूठा नरेटिव गढ़ा जा रहा है। मारपीट का फर्जी मामला उछालकर समाज में गलत संदेश देने की कोशिश हो रही है। ताकि संस्था की पूरी बदनामी हो व नुकसान हो। जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कहा कि सच्चाई सामने आए, यही उनकी मांग है। इस पूरे प्रकरण से उन्हें मानसिक पीड़ा पहुंची है, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। विकास कुमार माली ने साफ किया कि दोषियों के खिलाफ मानहानि का दावा करने का फैसला ले चुके हैं और कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे।


