भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की ओर से गिरफ्तार नसीराबाद मंडल अध्यक्ष संजय यादव के खिलाफ भाजपा संगठन ने कार्रवाई की है। यादव को भाजपा सदस्यता से सस्पेंड करने के साथ नोटिस जारी किया है। देहात जिलाध्यक्ष जीतमल प्रजापति ने बताया-भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की ओर से परिवहन विभाग में भारी वाहनों से अवैध रूप से एंट्री वसूली प्रकरण में मंडल अध्यक्ष नसीराबाद शहर संजय यादव की संलिप्तता पाई जाने के कारण गिरफ्तार किया गया है। यादव का यह कृत्य पार्टी की छवि धूमिल करने एवं पार्टी के संविधान में वर्णित अनुशासन भंग की परिभाषा में आता है। अतः आरोप की गंभीरता को देखते हुए प्रदेशाध्यक्ष के निर्देशानुसार आरोपो की जांच के दौरान संजय यादव, मंडल अध्यक्ष, नसीराबाद शहर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया और संजय यादव को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया। यह है मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ गुरुवार देर शाम बड़ी कार्रवाई की। एसीबी की 12 टीमों ने ब्यावर, नसीराबाद, विजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, फ्लाइंग स्क्वाड, निजी दलालों और ढाबा संचालकों सहित कुल 11 ठिकानों पर आकस्मिक सर्च की गई। इस दौरान परिवहन विभाग के निरीक्षक समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। परिवहन विभाग के निरीक्षक जलसिंह, निजी सहायक प्रदीप जोधा, दलाल विक्रम सिंह पिपरोली व संजय यादव, ढाबा संचालक बुधे सिंह, महेंद्र कुमार, सुनील कुमार, परिवहन विभाग के संविदा गार्ड लक्ष्मण काठात, गुलाब काठात सहित कुल 13 लोगों को पकड़ा। यह थी शिकायत परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी निजी दलालों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरने वाले परिवहन वाहनों से प्रति वाहन 600 से 1000 रुपए की अवैध वसूली कर रहे थे। यह वसूली ब्यावर के होटल शेर-ए-पंजाब, नसीराबाद के होटल आरजे-01 और जगदंबा टी स्टॉल जैसे ठिकानों से की जा रही थी। कोडवर्ड के जरिए चल रहा था नेटवर्क इस दौरान पता चला कि यह नेटवर्क कोडवर्ड और डिजिटल पेमेंट के माध्यम से संचालित हो रहा था। दलाल वाहन चालकों से नकद और पेटीएम जैसे डिजिटल माध्यमों से पैसे लेकर परिवहन विभाग की आरटीओ टीमों तक पहुंचाते थे। यह रिश्वत वाहन चेकिंग के दौरान कमियां न निकालने, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई न करने और वाहनों को जब्त न करने के बदले ली जाती थी। कॉल सेंटर जैसी बना रखी थी व्यवस्था लेन-देन के लिए मोबाइल मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट और हाईवे स्थित ढाबों का इस्तेमाल किया जा रहा था। दलालों ने कई मोबाइल फोन का उपयोग कर एक कॉल सेंटर जैसी व्यवस्था बना रखी थी, जिससे वाहन नंबर संबंधित टीमों को भेजे जाते थे। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज और मोबाइलों से डिजिटल डेटा बरामद किया। एसीबी ने 1,16,700 रुपए की संदिग्ध नकदी, 19 मोबाइल फोन, 4 सीसीटीवी डीवीआर और 12 संदिग्ध डायरियां जब्त की हैं, जिनमें लाखों रुपये के लेन-देन और हजारों रुपए के डिजिटल भुगतान का रिकॉर्ड मिला है।


