कन्वीनर जयदीप बिहाणी ने कहा:कल तक सुपुर्द करें स्टेडियम, IPL हम कराएंगे; स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष नीरज ने कहा- RCA से MOU नहीं, कैसे कराएंगे

आईपीएल जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है विवाद भी बढ़ते जा रहे हैं। आईपीएल शुरू होने में महज 36 दिन बचे हैं, लेकिन अब तक यह तय नहीं है कि आईपीएल का आयोजन राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) की एडहॉक कमेटी के तहत होगा या पिछले साल की तरह इस बार भी स्पोर्ट्स काउंसिल ही इसका आयोजन करेगा। आरसीए एडहॉक कमेटी के कन्वीनर जयदीप बिहाणी ने राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल के सचिव को पत्र लिखकर 15 फरवरी से सवाई मानसिंह स्टेडियम (एसएमएस) आरसीए को उपलब्ध कराने को लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि पूर्व निर्धारित शर्तों के अनुसार आरसीए प्रति मैच 20 लाख रुपए स्पोर्ट्स काउंसिल को देने को तैयार है। बीसीसीआई से आईपीएल की तैयारियों के संबंध में मिले पत्र के बाद स्पोर्ट्स काउंसिल को यह पत्र लिखा गया है। दूसरी ओर राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष नीरज के. पवन का कहना है कि ‘पिछली बार की तरह इस बार भी हम ही आईपीएल का आयोजन करेंगे। राजस्थान क्रिकेट संघ के पास अपना मैदान ही नहीं तो वो कैसे आईपीएल करा सकता है और न ही पहले ही तरह आरसीए और स्पोर्ट्स काउंसिल के बीच कोई एमओयू है।’ भास्कर सवाल – काउंसिल आपको स्टेडियम क्यों दे, आरसीए से एमओयू ही नहीं? बिहाणी: काउंसिल नहीं माना तो सीएम से बात करेंगे, डोमेस्टिक के लिए तो किराए पर देते हैं क्या एमओयू के बगैर एसएमएस स्टेडियम मैच के लिए मिल सकता है?
बिहाणी : हम तो एसएमएस स्टेडियम के लिए एमओयू करना चाहते हैं, लेकिन स्पोर्ट्स काउंसिल करना ही नहीं चाहती है। हमने सारी डोमेस्टिक क्रिकेट स्टेडियम में कराई। इसका करीब 70 लाख रुपए का बिल उन्होंने भेजा है, उसे आरसीए जल्दी ही भुगतान कर देगी। जब डोमेस्टिक क्रिकेट के लिए स्टेडियम किराए पर मिल सकता है तो फिर आईपीएल के लिए क्यों नहीं मिल सकता। जब आईपीएल दो महीने ही होता है तो हम पूरे-पूरे साल के लिए एमओयू क्यों करें। आपके पास अपना स्टेडियम नहीं है, न आप चौंप स्टेडियम का काम आगे बढ़ाना चाहते हैं?
बिहाणी : उस स्टेडियम का काम कैसे आगे बढ़ाएं। उस पर एफआईआर हो रखी है। मामला लिटिगेशन में है। कई तरह के फ्रॉड हुए हैं उसमें।
जब-जब आरसीए ने आईपीएल कराया, एमओयू था? बिहाणी – आरसीए ने जब-जब भी आईपीएल कराया है, उस समय आरसीए और स्पोर्ट्स काउंसिल के बीच स्टेडियम को लेकर एमओयू रहा है। इसमें ट्राई पार्टी एग्रीमेंट होता है। इसमें आरसीए, फ्रेंचाइजी और बीसीसीआई के बीच एग्रीमेंट होता है। जब आरसीए और स्पोर्ट्स काउंसिल में एमओयू नहीं होता तो ट्राई पार्टी एग्रीमेंट फ्रेंचाइजी, बीसीसीआई व काउंसिल के बीच होता है। हम प्रति मैच 20 लाख रु. देने को तैयार हैं। अगर स्पोर्ट्स काउंसिल ने नहीं माना तो आप क्या करेंगे?
बिहाणी : स्पोर्ट्स काउंसिल को हमने पत्र लिखा है। अगर 15 फरवरी तक स्टेडियम आरसीए को नहीं दिया जाएगा तो मैं सीधे मुख्यमंत्री (भजनलाल शर्मा) से बात करूंगा। फिर जैसा मुख्यमंत्री का निर्देश होगा, हम उसे मानेंगे। वे कहते हैं आरसीए कराएगी तो हम कराएंगे। अगर स्पोर्ट्स काउंसिल को ही कराने को कहते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी। पिछली बार भी एडहॉक थी, फिर भी स्पोर्ट्स काउंसिल ने आईपीएल कराया?
पिछले आईपीएल से पहले प्रदेश में नई सरकार बन चुकी थी। वैभव गहलोत की अध्यक्षता वाले आरसीए को भंग किया जा चुका था। आईपीएल आयोजन से पहले आरसीए की सत्ता एडहॉक कमेटी के हाथ में आ चुकी थी, लेकिन एडहॉक कमेटी नई-नई बनी थी। इसलिए हम उस समय ज्यादा तैयारी नहीं कर सके। इस बार तो हमने पूरी डोमेस्टिक क्रिकेट भी कराई है। बीसीसीआई का निर्देश मानेंगे: राजस्थान रॉयल्स राजस्थान रॉयल्स के उपाध्यक्ष राजीव खन्ना का कहना है कि हमें तो बीसीसीआई से जो निर्देश मिलेंगे, उसे ही फॉलो करेंगे। वैसे जब भी आरसीए ने आईपीएल कराया है तो उसका स्टेडियम को लेकर स्पोर्ट्स काउंसिल से एमओयू रहा है।

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