कपूरथला के बाउपुर मंड क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित खेतों से रेत हटाने का काम तेजी से जारी है। इसका उद्देश्य फरवरी तक मक्का की बुआई के लिए खेतों को तैयार करना है। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की पहल पर एक्सकेवेटर मशीनों और बड़े ट्रैक्टरों का उपयोग कर जमीन को समतल किया जा रहा है। मंड क्षेत्र के कुछ हिस्सों में जहां रेत पहले ही हटाई जा चुकी है, वहां गेहूं की बुआई हो गई है। हालांकि, कई किसानों के खेतों में अब भी चार से पांच फुट तक रेत जमी हुई है, जिससे वे गेहूं की फसल नहीं बो पाए हैं। खेतों में अभी भी लगे रेत के ढेर संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने मंड क्षेत्र का दौरा किया और उन स्थानों का निरीक्षण किया जहां अभी भी रेत के ढेर लगे हुए हैं। उन्होंने दानदाताओं से डीज़ल दान करने की अपील की, ताकि बची हुई रेत को हटाने का काम जारी रखा जा सके। उन्होंने बताया कि कई किसानों की जमीन पर भारी मात्रा में रेत पड़ी है, जिसे हटाना बेहद जरूरी है। ब्यास नदी के पास होने के कारण बाढ़ के दौरान इन किसानों के खेतों में सबसे अधिक रेत जमा हो गई थी। पिछले तीन-चार महीनों से संत सीचेवाल के कारसेवक किसानों के खेतों में पांच-पांच फुट गहरी खाइयां खोद रहे हैं। इन खाइयों से सख्त मिट्टी निकालकर उन्हें रेत से भरा जा रहा है, ताकि खेतों को दोबारा उपजाऊ बनाया जा सके।


