रोपड़ में अवैध माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन:10 गांवों की जमीन, पुलों को खतरा, सरकार को दी आंदोलेन की चेतावनी

रोपड़ जिले के नूरपुर बेदी में पंजाब मोर्चा के नेतृत्व में अवैध माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अमरपुर बेला गुरुद्वारा साहिब के पास अमरपुर बेला, रौली बुर्ज और गोबिंदपुर बेला के सैकड़ों किसान और ग्रामीण एकत्र हुए। गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने के बाद पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने नदियों में अवैध खुदाई, भारी मशीनों से खेतों की बर्बादी, सिंचाई पाइपलाइन तोड़ने और भूमि की प्राकृतिक संरचना से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। माइनिंग माफियाओं ने उपजाऊ भूमि को बर्बाद कर दिया ग्रामीण गौरव राणा ने आरोप लगाया कि सतलुज नदी और काहनपुर खूही क्षेत्र में माइनिंग माफिया ने हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि को बर्बाद कर दिया है। नदी के प्राकृतिक बहाव से छेड़छाड़ के कारण भूमि कटाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे 10 से अधिक गांवों की खेती योग्य जमीन गंभीर खतरे में है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे क्षेत्र में माइनिंग के लिए कोई साइट स्वीकृत नहीं है, फिर भी दिन-रात अवैध खनन जारी है। एक पुल गिर चुका, चंदपुर का पुल धंसा राणा ने बताया कि अवैध माइनिंग के कारण पहले एलगरा का पुल गिर चुका है और चंदपुर का पुल धंस गया है। हाल ही में अमरपुर बेला की पुलिया के दोनों ओर भी भारी कटाव हुआ है, जिससे आम लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि अवैध माइनिंग से भूजल स्तर गिर रहा है, नदियों का पानी प्रदूषित हो रहा है और खेत बंजर होते जा रहे हैं। आंदोलन की दी चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अवैध माइनिंग पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई और हुए नुकसान की भरपाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक में अवैध माइनिंग पर निगरानी के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही, शनिवार सुबह 11 बजे गोबिंदपुर बेला में एक बड़ी जनसभा आयोजित करने की योजना है।

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