कपूरथला पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि एक होटल में छापेमारी के दौरान 6 महिलाओं समेत 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से 40 लैपटॉप, 67 फोन और 10 लाख रुपए नकद बरामद हुए हैं। गिरोह अमेरिका और कनाडा के लोगों को निशाना बनाता था। ये लोग ब्राउजर में पॉपअप लिंक के जरिए विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर को हैक करते थे। घटना फगवाड़ा की है। आरोपी पीड़ितों के सिस्टम में स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करवा लेते थे। इसके बाद उनकी निजी जानकारी हासिल कर ब्लैकमेल करते थे। पीड़ितों से बिटकॉइन और वाउचर के जरिए पैसे ऐंठते थे। गिरोह का मुख्य संचालक कोलकाता में है। इसके संपर्क दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों और विदेशों में हैं। गिरोह के लोग दिल्ली-गुरुग्राम में फर्जी जॉब कंसल्टेंसी ऑफिस चलाते थे। यहां पढ़े-लिखे बेरोजगारों को 30-35 हजार रुपए की सैलरी का लालच देकर नौकरी पर रखते थे। लोगों का डेटा हैक कर तीसरे को बेचती
यह गिरोह तीन स्तरों पर काम करता था। पहले स्तर की टीम लोगों का डेटा हैक करती थी। दूसरे स्तर की टीम इस डेटा को तीसरे स्तर की टीम को सौंपती थी। अंतिम टीम पीड़ितों के डिवाइस में सॉफ्टवेयर डालकर ठगी को अंजाम देती थी। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के बैकवर्ड लिंक दिल्ली एनसीआर, कोलकाता और बैंगलोर जैसे बड़े शहरों से पाए गए हैं। जो इनके बड़े सरगना सूरज निवासी दिल्ली और शेन निवासी कोलकाता को पकड़ने के लिए विभिन्न स्पेशल टीमें बनाकर रेड किए जा रहे हैं। वहीं इसके अलावा रिकवर हुए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की तकनीकी जांच की जा रही है। जिससे और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। प्रतिदिन 20 डॉलर की करते थे ठगी, भारतीय समय के अनुसार शाम 7:30 बजे से रात 1:30 बजे तक चलता था ठगी का कारोबार जब अमेरिका कनाडा में दिन का समय होता था। SSP ने यह भी बताया कि मामले से जुड़े 38 आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद 2 दिन का पुलिस रिमांड मिला है।


