भास्कर न्यूज | कोडरमा वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र अंतर्गत जंगलों में लंबे समय से जारी अवैध खनन और देवरा के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ वन विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई का नेतृत्व हजारीबाग से आए प्रशिक्षु आईएफएस पदाधिकारी मोहित बंसल ने किया, जिसमें अवैध देवरा लदी एक कमांडर जीप को जब्त किया गया है। वहीं वाहन चालक को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र अंतर्गत ढोढाकोला जंगल से अवैध रूप से ढिबरा का उत्खनन कर उसे कमांडर जीप पर लोड कर तिलैया की ओर ले जाए जाने की गुप्त सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना के आधार पर प्रशिक्षु आईएफएस मोहित बंसल के के नेतृत्व में गुरुवार की अहले सुबह वन विभाग की टीम ने थाना क्षेत्र अंतर्गत लोकाई के पास, डोमचांच की ओर से आ रही कमांडर जीप को रोका।जांच के दौरान वाहन पर करीब 300 किलो ढिबरा लदा पाया गया। बताया गया कि वाहन में 15 बोरे मे ढिबरा लदे थे, जिसमें प्रति बोट करीब 20 केजी ढिबरा था। मौके से वाहन चालक मोहम्मद सद्दाम, निवासी सिमरातरी, थाना रजौली (बिहार) को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ के दौरान चालक ने एक अन्य व्यक्ति शौकत अली का नाम उजागर किया, जिसके बाद वन विभाग की ओर से दो नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ वन प्राणी आश्रयणी क्षेत्र में अवैध उत्खनन और ढिबरा के अवैध उत्खनन व परिवहन को लेकर मामला दर्ज कराया गया है। उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी को मेघातरी वन प्राणी आश्रयणी क्षेत्र में अवैध उत्खनन के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में दो जेसीबी और एक डंपर जब्त किए गए थे। उस मामले में 10 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। इसके बावजूद जंगलों में अवैध खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाना चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।सूत्रों के अनुसार, वन प्राणी आश्रयणी जैसे संवेदनशील और संरक्षित क्षेत्र में चल रहा यह अवैध उत्खनन स्थानीय वन विभाग के कुछ कर्मियों और पदाधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। यही कारण है कि खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों से ढिबरा का उत्खनन कर वाहनों के जरिए उसे गोदामों और बाजारों तक पहुंचा रहे हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर विभागीय अमला मौन साधे हुए है।


