धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर सभागृह में हुई बैठक में कुल 138 वन अधिकार दावों की नस्तियां प्रस्तुत की गईं। समीक्षा के दौरान विकासखंड डही, सरदारपुर और बदनावर से जुड़े दावों में कमियां सामने आईं। कलेक्टर मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को नस्तियों की खामियां दूर कर पुनः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में पूर्व से लंबित अधिकार दावों की भी समीक्षा की गई। ये दावे मई 2024 में पुनः परीक्षण के लिए उपखंड और जनपद पंचायत स्तर पर लौटाए गए थे। अद्यतन तिथि तक नस्तियां प्राप्त नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। 2005 से पूर्व कब्जा होना और उसका सत्यापन अनिवार्य इसके अलावा अनुविभागीय अधिकारी (वन) सरदारपुर और धार को भी वन मंडलाधिकारी धार की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि कोई आदिवासी कृषक राजस्व भूमि पर खेती कर रहा है, लेकिन भूमि चरनोई श्रेणी की है, तो ऐसे मामलों में वन अधिकार पत्र जारी नहीं किए जा सकते। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि हितग्राही का वर्ष 2005 से पूर्व कब्जा होना और उसका सत्यापन अनिवार्य है। बैठक के अंत में सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कार्रवाई समाप्त की गई। बैठक में जिला प्रशासन, वन विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।


