अलवर नगर निगम के कमिश्नर रात को बेसहारा लोगों को ढूंढ़ने निकले। जो शहर के रोड किनारे मिल भी गए। जिनको कमिश्नर ने उठाया और पूछा कि रोड किनारे क्यों सो रहे हो। पास में रेनबसेरा है। वहां जाना चाहिए। बिजली घर चौराहे के निकट तो दुकान के आगे महिला-पुरुष व छोटे बच्चे सोते मिले। जिनको तुरंत ई-रिक्शा से रेनबसेरे में भेजा गया। कमिश्नर ने रोड किनारे मिले लोगों से पूछने पर कइयों ने कहा कि उनके पास आधार कार्ड नहीं है। इस कारण रोड पर सोना पड़ता है। एक बुर्जु ने कहा कि शाम को मजदूरी करने के बाद गाड़ी नहीं मिलती है। इस कारण यहीं आसपास सो जाते हैं। कमिश्नर सोहन सिंह नरूका ने बताया कि शहर में कोई भी व्यक्ति खुले में ठंड में रात गुजारने को मजबूर ना हो, इसके लिए ‘बसेरा वाहिनी’ को सक्रिय किया गया है। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है और रात को समय खुले में सो रहे जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाने का काम करेगी। बसेरा वाहिनी शहर के प्रमुख स्थानों पर गश्त करेगी और फुटपाथ, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या अन्य जगहों पर ठंड में पड़े लोगों को आश्रय गृह तक ले जाएगी। इस पहल का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति को ठंड से होने वाली परेशानी, बीमारी या दुर्घटना से बचाना है।
शहर में कहीं कोई व्यक्ति खुले में सोता दिखाई दे तो तुरंत बसेरा वाहिनी को सूचना दें। इसके लिए 0144-2700466 और 8949477947 पर कॉल कर सकते हैं।


