कम राजस्व वसूली करने वाले अफसरों की तय होगी जवाबदेही

कम राजस्व वसूली करने वाले अफसरों पर अब जवाबदेही तय होगी। जो अधिकारी तय साप्ताहिक और मासिक लक्ष्य की वसूली को पूरा नहीं करेंगे उनके एसीआर में इस विफलता को दर्ज किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल्द ही विभागों द्वारा की जा रही राजस्व वसूली की समीक्षा करेंगे। इससे पहले राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी 18 जुलाई को राजस्व संग्रहण करने वाले विभागीय सचिवों की बैठक बुलाई थी। इसमें विभागवार समीक्षा के साथ साथ आगे की रणनीति पर भी मंथन होना था। लेकिन बाद में बैठक स्थगित कर दी गई। चालू वित्तीय वर्ष के पहली तिमाही में कुल राजस्व संसाधन के रूप में करीब 25000 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। यह राशि तय लक्ष्य से कम है। लेकिन इस अवधि में करीब 23000 करोड़ रुपए ही खर्च हुए। इसमें योजना मद से लगभग 13700 करोड़ और गैर योजना मद से करीब 9400 करोड़ रुपए व्यय हुए हैं। इससे वित्तीय संतुलन बना रहा। वैसे राज्य की वित्तीय स्थिति अप्रैल माह की तुलना में मई और जून में बेहतर हुई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक अप्रैल माह में कम खर्च होने के बाद भी राज्य सरकार को 89 करोड़ रुपए उधार लेना पड़ा था। लेकिन जून माह के अंत में सरकार के खजाने में करीब 2000 करोड़ सरप्लस राशि रही। राजस्व वसूली की वित्त विभाग कर रहा मॉनिटरिंग मालूम हो कि वित्त विभाग अपने स्तर से राजस्व वसूली को लेकर विभिन्न विभागों का लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल बजट आकार 1.45 लाख 400 करोड़ रुपए का है। इसमें योजना बजट 91741.53 करोड़ रुपए है। केंद्रीय योजनाओं से जुड़ी कुल राशि-17073.61 करोड़ है। शत-प्रतिशत केंद्रीय योजना की राशि 2908.98 करोड़ रुपए है। योजनाओं के लिए केंद्रांश की राशि 14164.63 करोड़ है। जबकि, राज्य की ओर से योजनाओं के लिए कुल 74667.92 करोड़ रुपए जुटाने हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *