सरगुजा जिले के ग्राम बगडोली में भवन निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहे नाबालिग छात्र की करंट लगने से मौत हो गई थी। वह खुले तार के कारण खिड़की में लगे ग्रील के संपर्क में आकर चिपक गया था। उक्त तार भवन निर्माण कराने वाले ठेकेदार ने खींचा था। मामले में जांच के बाद पुलिस ने ठेकेदार सहित दो के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मामला सीतापुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम बगडोली निवासी नकुल सिंह (15 वर्ष) 13 अगस्त को बहुद्देशीय केन्द्र भवन निर्माण के कार्य में मजदूरी करने ग्राम पंचायत भवन बगडोली के पास गया था। उक्त भवन निर्माण का कार्य कराने वाले ठेकेदार जीशान एराकी निवासी सीतापुर एवं मुंशी नेहरू बडा निवासी ग्राम बेलजोरा के द्वारा कराया जा रहा था। करंट लगने से हुई थी नाबालिग की मौत
निर्माण कार्य में लगा नकुल सहित अन्य श्रमिक नींव खोद रहे थे। नकुल पानी पीने के लिए बाहर आया। उसने पानी पीने के लिए पंप को चालू करने की कोशिश की। ठेकेदार एवं मुंशी ने निर्माण कार्य में बिजली पंप चलाने के लिए खंभे से तार खींचा था एवं उक्त तार को पंचायत भवन की खिड़की के ग्रील में बांधा था। उक्त तार खुला का खुला हिस्सा ग्रील से सटा हुआ था। नकुल सिंह ने जैसे ही ग्रील को छुआ, वह करंट की चपेट में आकर ग्रील से चिपक गया। साथ काम कर रहे अन्य लोगों ने डंडे से मारकर उसका हाथ छुड़ाया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, तब तक नकुल की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया था। जांच के बाद दर्ज हुई FIR
मामले में जांच के बाद ठेकेदार एवं मुंशी की लापरवाही पाई गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ठेकेदार एवं मुंशी के द्वारा गलत तरीके से लापरवाहीपूर्वक तार खींचकर ग्रील से बांधा गया था, जिसके कारण नकुल सिंह को करंट लगा एवं उसकी मौत हो गई। मृतक नेहरू सिंह के पिता देवप्रसाद की पूर्व में मौत हो चुकी थी एवं मां व बहन का वह इकलौता सहारा था। मामले में सीतापुर पुलिस ने ठेकेदार जीशान एराकी एवं मुंशी नेहरू बड़ा के खिलाफ धारा 106(1), 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।


