छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों ने शुक्रवार को अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एकदिवसीय हड़ताल की। राजधानी रायपुर से लेकर सभी जिलों में शासकीय कार्यालय बंद रहे। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में केंद्र के समान महंगाई भत्ता और महंगाई राहत शामिल है। साथ ही 2019 से लंबित DA एरियर की राशि GPF खाते में जमा करने की मांग है। कर्मचारी चाहते हैं कि शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग में वेतन विसंगतियां दूर की जाएं। कर्मचारियों ने चार स्तरीय वेतनमान और कैशलेस इलाज की मांग की कर्मचारी संगठनों ने चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान की मांग की है। यह 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पर लागू होना चाहिए। अन्य मांगों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया का सरलीकरण और 300 दिन तक का अर्जित अवकाश नकदीकरण शामिल है। हड़ताल का असर तीन दिन तक रहेगा। शनिवार को शासकीय अवकाश और रविवार की छुट्टी के कारण दफ्तर सोमवार को ही खुलेंगे। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस हड़ताल से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। जो लोग आवेदन, प्रमाण पत्र, पेंशन या अन्य कार्यों के लिए दफ्तर आए थे, उन्हें निराश लौटना पड़ा। अब यह काम सोमवार तक टल गए हैं।


