करोड़ों की वसूली का बनाया था नेटवर्क:महादेव सट्टा का आरोपी कस्टम मिलिंग में शामिल, अफसरों के लिए 20 करोड़ वसूले

ईओडब्ल्यू की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी के अनुसार मूलतः झारखंड धनबाद निवासी दीपेन चावड़ा रायपुर के कारोबारी अनवर ढेबर का मैनेजर था और शराब घोटाले में आने वाले पैसों की वसूली करता था। वह कस्टम मिलिंग का पैसा शंकर नगर से उठाता था। उसकी गाड़ी में सिद्धार्थ सिंघानिया के कर्मचारी सूरज पवार और अंकुर पालीवाल वसूली की रकम रखते थे। इसके बाद दीपेन उन पैसों को अलग-अलग जगह पहुंचाता था। जांच में खुलासा हुआ है कि महादेव सट्टा मामले में जेल जा चुके एएसआई चंद्रभूषण वर्मा का कनेक्शन भी कस्टम मिलिंग घोटाले से है। वह अनवर ढेबर और टुटेजा के लिए वसूली का काम करता था। चंद्रभूषण ने कई जगह पैसों की वसूली की है और वह दीपेन से भी जुड़ा हुआ था। कस्टम मिलिंग घोटाले में उससे पूछताछ की जाएगी। कई अधिकारियों से सीधे संपर्क में था दीपेन पिछली सरकार के कई प्रभावशाली लोगों के साथ ही निलंबित राप्रसे अधिकारी सौम्या चौरसिया, रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा से सीधे संपर्क में था। वह कई जगह जाता-आता था और पैसा व सामान पहुंचाने का काम करता था। सबूत मिले हैं कि दीपेन अफसरों के लिए 20 करोड़ रुपए की वसूली की थी। बता दें कि एसीबील और ईओडब्ल्यू ने पिछले साल 17 जनवरी को कथित शराब घोटाले में एक प्राथमिकी दर्ज की थी और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड सहित 70 व्यक्तियों और कंपनियों को नामजद किया था। इन तीन लोगों ने की थी घोटाले की प्लानिंग ईओडब्ल्यू का दावा है कि कस्टम मिलिंग घोटाले की प्लानिंग रामगोपाल अग्रवाल, अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा ने रची थी। तीनों ने पहले रोशन चंद्राकर को एसोसिएशन में पद दिलाया और उसके माध्यम से वसूली शुरू कराई। एसोसिएशन को प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के लिए आगे किया गया। सीएम हाउस में इसकी बैठक हुई, जिसमें कई अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि 40 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल करने का फैसला लिया गया। मोबाइल जांच के बाद खुलासा
जांच में खुलासा हुआ है कि सीएसपीडीसीएल का एमडी बनने दीपेन को दिए 13 करोड़ दीपेन सहित अन्य के मोबाइल की जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि सीएसपीडीसीएल का एमडी बनने के लिए अशोक कुमार ने दीपेन के माध्यम से अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा को 13 करोड़ रुपए भिजवाए। दीपेन पैसा लेने उनके घर गया और बोरियों में रकम लेकर आया। इसके बाद अशोक की पोस्टिंग हुई। एजेंसी ने चैट रिकवर कर ली है। एजेंसी का दावा है कि पिछली सरकार में ट्रांसफर-पोस्टिंग में जमकर वसूली हुई थी। ईओडब्ल्यू की 12 सौ पन्नों की चार्जशीट: शराब घोटाला, कस्टम मिलिंग, ट्रांसफर-पोस्टिंग की वसूली की अहम कड़ी था दीपेन प्रदेश में हुए 2000 करोड़ रुपए के कस्टम मिलिंग घोटाले में ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को कारोबारी अनवर ढेबर के सबसे करीबी और मैनेजर दीपेन चावड़ा के खिलाफ 1200 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। एजेंसी का दावा है कि दीपेन वसूली का काम करता था। वह शराब घोटाला और कस्टम मिलिंग से जुड़े भ्रष्टाचार का पैसा इकट्ठा करता था। इसके बाद उन पैसों को बोरियों और कार्टन में भरकर अधिकारी और कारोबारियों तक पहुंचाता था। उसने 20 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली की है। इससे संबंधित डिजिटल सबूत मिले हैं और वाट्सएप चैट में भी इसका खुलासा हुआ है। दीपेन के नाम से कई जगह निवेश होने की जानकारी भी सामने आई है।

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