भास्कर न्यूज | लुधियाना सरकारों द्वारा आम लोगों से करोड़ों रुपए गौ-सेस के रूप में वसूले जाने के बावजूद आवारा गायों और अन्य पशुओं को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रहने की बात सामने आई है। यह विचार प्रख्यात सामाजिक नेता एवं पंजाबी विकास मंच के प्रधान जतिंदरपाल सिंह सलूजा ने व्यक्त किए।सलूजा ने कहा कि गौ-सेस का उद्देश्य गायों और अन्य आवारा पशुओं की देखभाल, संरक्षण और सुरक्षित व्यवस्था करना था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। उन्होंने कहा कि लुधियाना शहर की लगभग सभी सड़कों पर आवारा पशुओं की भरमार देखने को मिल रही है। विशेष रूप से संगरूर से फिरोजपुर रोड को जोड़ने वाला पुल चालू होने के बाद यह हाईवे बाईपास रोड अत्यधिक व्यस्त हो गया है, लेकिन इसके बावजूद इस मार्ग पर बड़ी संख्या में आवारा पशु खुलेआम घूमते नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि रात के समय और विशेषकर धुंध के मौसम में इन आवारा पशुओं के कारण गंभीर और जानलेवा हादसे हो सकते हैं। उन्होंने सरकारों से भी मांग की कि जब आम जनता से करोड़ों रुपए गौ-सेस के रूप में वसूले जा रहे हैं, तो उस धन का सही उपयोग करते हुए आवारा पशुओं के लिए ठोस प्रबंध किए जाएं।


