करौली के मेला दरवाजे के बाहर स्थित मैदान में आयोजित रियासतकालीन शिवरात्रि पशु मेले में इस वर्ष पशुओं की आवक में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 12 फरवरी से शुरू हुए इस मेले में अब तक 400 से अधिक पशुओं की आवक हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। मेले में सबसे अधिक संख्या ऊंट वंश के पशुओं की है, जिनकी संख्या 360 से अधिक है। इसके अलावा 9 भैंस और 10 बकरा-बकरियां भी खरीद-फरोख्त के लिए लाई गई हैं। पशु मेला अधिकारी डॉ. गंगा सहाय मीणा के अनुसार, शनिवार तक 339 पशुओं की आवक हुई थी, जिसमें रविवार को और अधिक ऊंटों की आवक से वृद्धि हुई। ऐतिहासिक महत्व के इस मेले में पहले हजारों की संख्या में गोवंश सहित विभिन्न पशुओं की आवक होती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसमें कमी आई है। 20 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में पशु प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई हैं। पशुओं की बढ़ती आवक से मेला प्रशासन उत्साहित है। यह मेला स्थानीय पशुपालकों के लिए खरीद-फरोख्त का एक महत्वपूर्ण मंच बना हुआ है।


