करौली में जुटे देशभर के शिक्षाविद:राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लेकर चर्चा, टीचर और छात्रों की भूमिका पर मंथन

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में गुण दोष के साथ ही समयानुसार आवश्यक सुधार को लेकर चर्चा करने के लिए देशभर के शिक्षाविद करौली में जुटे। गवर्नमेंट कॉलेज करौली में नवाचार एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संबंध में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय संगोष्ठी में देशभर के कई विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों के शिक्षक और शोधार्थियों सहित गणमान्य लोग भाग ले रहे हैं। संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ. प्रीतम सिंह मीना ने बताया कि संगोष्ठी के उदघाटन समारोह में मुख्य अतिथि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, मुख्य वक्ता केन्द्रीय विश्वविद्यालय पंजाब के वाईस चांसलर प्रो. किरण हजारिका, चेयरपर्सन के रूप में इग्नू के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. मनरूप सिंह मीना, विशिष्ट अतिथि प्रो. सतीश कुमार मिश्रा इग्नू दिल्ली, प्रो. सुशील कुमार बिस्सू, सहायक निदेशक एवं प्रदेश महामंत्री एबीआरएसएम रहे। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी में 400 से अधिक प्रोफेसर और छात्र ऑफलाइन तथा ऑनलाइन माध्यम से शामिल हो रहे है। संगोष्ठी का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर देना, मानसिक, शारीरिक विकास एवं सामाजिक विकास को सुनिश्चित करना है। साथ ही आगामी शिक्षा नीति में सुधार और सुझाव पर भी चर्चा की जा रही है। संगोष्ठी बहुविषयक एवं हाईब्रिड मोड पर आयोजित हो रही है। प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लक्ष्य है। शिक्षा नीति में गुण दोष के साथ ही समयानुसार आवश्यक सुधार को लेकर भी चर्चा की गई।

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